37वां एपेक का विदेश और व्यापार मंत्रियों का सम्मेलन 3 नवंबर को वीडियो के माध्यम से
चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित हुआ। सम्मेलन के सह-अध्यक्ष चीनी विदेश मंत्री वांग
यी और वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। एपेक के सदस्य
अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों, वर्ष 2026 एपेक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के अध्यक्ष,
सचिवालय के कार्यकारी निदेशक, व्यावसायिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष और पर्यवेक्षक
प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया।
इस मौके पर वांग यी ने कहा कि 12 साल बाद चीन इस साल फिर से एपेक की मेजबानी
कर रहा है। चीन ने एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण और समान समृद्धि बढ़ाने के विषय
पर सभी सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ सफलता से खुलापन, नवाचार और सहयोग के क्षेत्रों
में 300 से ज्यादा बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन किया। एपेक के चीन वर्ष में सहयोग
की सिलसिलेवार उपलब्धियां हासिल हुईं।
वांग यी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में परिवर्तन के सामने एशिया-प्रशांत क्षेत्र हमेशा
स्थिर रहता है, विकास का इंजन बनता है और सहयोग का केंद्र रहता है। चीन सभी सदस्यों
के साथ एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण बढ़ाना चाहता है। आयोजित होने वाला एपेक
नेताओं का अनौपचारिक सम्मेलन एशिया-प्रशांत क्षेत्र के भविष्य में विकास से जुड़े अहम
सम्मेलन होगा। चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर नेताओं के सम्मेलन में उपलब्धियां प्राप्त
करने के लिए योगदान करेगा।
वहीं, वांग वनथाओ ने कहा कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में बदलाव और उथल-पुथल हो रहा
है। इससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला के खंडित होने का जोखिम बढ़ रहा है और आर्थिक वृद्धि
धीमी हो रही है। एपेक के सदस्यों को एशिया-प्रशांत क्षेत्र और पूरी दुनिया के विकास के
लिए व्यवहारिक और कारगर प्रस्ताव देना चाहिए।
वांग वनथाओ ने कहा कि चीन हमेशा दृढ़ता से उच्च स्तरीय खुलापन बढ़ाता है, स्वतंत्र रूप से
खुलने का विस्तार जारी रखता है, व्यापक तौर पर विदेशी निवेश वाले उद्यमों के लिए राष्ट्रीय
व्यवहार का कार्यान्वयन करता है और ठोस कदमों से क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण व खुली वैश्विक
अर्थव्यवस्था का निर्माण बढ़ाता है।
सम्मेलन में उपस्थित विभिन्न पक्षों ने एपेक के चीन वर्ष में सभी क्षेत्रों के सहयोग में
मिली प्रगति की प्रशंसा की और एपेक के सहयोग में चीन की अहम भूमिका के लिए आभार
जताया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)