भारतीय सरकार और सशस्त्र बल अग्निपथ योजना में बदलाव को लेकर समीक्षा कर रहे हैं। अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 2026-27 में पूरा होने वाला है। इसी को देखते हुए जवानों की सेवा अवधि और भविष्य को लेकर नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणी ने बताया है कि अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार मिल रहा है। इसके तहत नियमित कैडर में शामिल नहीं होने वाले चुनिंदा जवानों को अतिरिक्त दो साल तक सेना में काम करने का मौका दिया जाएगा।
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों के लिए तैयार हो रहा नया विकल्प
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार अग्निवीरों को सेना में चार साल तक सेवा करने का अवसर मिलता है। इस अवधि के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत जवानों की सेवा समाप्त हो जाती है। अब सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। चार साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को आगे भी सेना में काम करने का अवसर देने के लिए दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल पर विचार किया जा रहा है।
नियमित कैडर में जगह नहीं पाने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिल सकता है अतिरिक्त समय
अग्निपथ योजना में प्रस्तावित बदलाव के तहत नियमित कैडर में तुरंत शामिल नहीं किए जाने वाले चुनिंदा अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की बात कही गई है। इससे 75 प्रतिशत अग्निवीरों को आगे भी सेना में अपनी सेवाएं देने का अवसर मिल सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य चार साल तक प्रशिक्षण और अनुभव हासिल कर चुके जवानों को कुछ और समय तक सेना में बनाए रखना है।
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणी ने दो साल के सेवा विस्तार को लेकर दी जानकारी
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणी ने अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार मिलने की जानकारी दी है। उनके बयान के बाद अग्निपथ योजना में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार चुनिंदा अग्निवीरों को अतिरिक्त कार्यकाल देने की व्यवस्था पर काम कर रही है। इससे जवानों को चार साल की सेवा के बाद भी सेना में काम जारी रखने का अवसर मिल सकता है।
कमांडरों और अग्निवीरों से मिले फीडबैक के आधार पर हो रही योजना की समीक्षा
सरकार और सशस्त्र बल अग्निपथ योजना को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं। जनरल राजा सुब्रमणी के मुताबिक, इस योजना में सुधार के लिए सेना के कमांडरों और खुद अग्निवीरों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर आगे की व्यवस्था तैयार की जा रही है। सेना के भीतर जवानों को बनाए रखने, उनके अनुभव और उनकी दक्षता का इस्तेमाल करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है।
पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने से पहले बदलावों पर बढ़ा ध्यान
अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा अवधि 2026-27 में समाप्त होने वाली है। ऐसे में सरकार के सामने इस योजना को लेकर आगे की व्यवस्था तय करने का महत्वपूर्ण समय है। दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने का प्रस्ताव इसी समीक्षा का हिस्सा है। अग्निपथ योजना को समय के साथ बेहतर बनाने के लिए बदलावों पर विचार किया जा रहा है।