वाराणसी में आज मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक…अमित शाह की अध्यक्षता में शामिल होंगे इन चार राज्यों के मुख्यमंत्री
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक मंगलवार 24 जून 2025 को वाराणसी में आयोजित की जा रही है। पहली बार यह अहम बैठक उत्तर प्रदेश के पावन नगरी वाराणसी में आयोजित हो रही है। इसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
डॉ.मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश)
योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश)
पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)
विष्णुदेव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
अन्य प्रमुख सहभागी
चारों राज्यों के मुख्य सचिव
नीति आयोग के प्रतिनिधि
अंतर्राज्यीय परिषद के सदस्य
अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
बैठक वाराणसी स्थित होटल ताज में होगी। इसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भाग लेंगे। इनके अलावा चारों राज्यों के मुख्य सचिव, नीति आयोग के प्रतिनिधि, अंतर्राज्यीय परिषद के सदस्य और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना
अंतर्राज्यीय विवादों का समाधान
प्राकृतिक संसाधनों का न्यायपूर्ण उपयोग
सुरक्षा, स्वास्थ्य, विकास, और प्रशासनिक समन्वय पर चर्चा
संवेदनशील क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन
इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास, स्वास्थ्य, प्रशासनिक समन्वय, और राज्यों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। परिषद का उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करना, अंतर्राज्यीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालना, और प्राकृतिक संसाधनों के समान उपयोग को सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही संवेदनशील और पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना भी परिषद के एजेंडे में शामिल है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य राज्यों और केंद्र सरकार के बीच नीतिगत समन्वय को बेहतर बनाना है, ताकि विकास से जुड़ी योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू की जा सकें।
विशेष रूप से इस बार की बैठक में क्षेत्रीय कानून व्यवस्था, सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्थाएं, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, और पर्यावरणीय मुद्दों जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा होने की संभावना है। बैठक से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
वाराणसी में यह पहली बैठक होने के कारण स्थानीय प्रशासन ने तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। यह बैठक केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें लिए गए निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति भी बनाई जाएगी।…( प्रकाश कुमार पांडेय)





