2026 विश्व व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विकास सम्मेलन 16 अक्तूबर को उत्तरी चीन के
थ्येनचिन शहर में उद्घाटित हुआ। सम्मेलन में चीन के उप प्रधानमंत्री तिंग श्वेश्यांग ने हिस्सा
लिया और संबोधन दिया।
अपने संबोधन में तिंग श्वेश्यांग ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कुशल कर्मचारियों को तैयार करने
का एक अहम माध्यम है। यह आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने व्यावसायिक और सामान्य शिक्षा के बीच तालमेल
बढ़ाने के साथ-साथ उद्योग और शिक्षा को जोड़ने वाली व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली विकसित करने
पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य कुशल कारीगरों, शिल्पकारों और उच्च कौशल वाले पेशेवरों को
तैयार करना है।
तिंग ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने अपनी आधुनिक व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली को लगातार
बेहतर बनाया है। इससे युवाओं के विकास के नए रास्ते खुले हैं और उद्योगों को कुशल प्रतिभाएं
उपलब्ध कराने में मदद मिली है। इसके साथ ही, चीन ने व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय
आदान-प्रदान और सहयोग भी बढ़ाया है। इन प्रयासों से चीन की व्यावसायिक शिक्षा के विकास में
ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं और बड़े बदलाव आए हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीकी क्रांति और औद्योगिक बदलाव का नया दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे
में व्यावसायिक शिक्षा और कुशल कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जरूरतें भी बढ़ रही हैं। इस चुनौती से
निपटने और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तिंग श्वेश्यांग ने
चार सुझाव दिए।
उन्होंने आगे कहा कि साझा मानकों के निर्माण से खुलेपन और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए,
सुधार और नवाचार के जरिए बदलाव की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए, समान अवसर और समावेशिता
के माध्यम से लोगों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना चाहिए तथा आपसी सीख और आदान-प्रदान
से मैत्रीपूर्ण संबंध मजबूत करने चाहिए। उद्घाटन समारोह में मलेशिया के प्रथम उप प्रधानमंत्री अहमद ज़ाहिद हामिदी और यूनेस्को
महासभा के अध्यक्ष खोंदकर एम. तल्हा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से या
वीडियो संदेश के जरिए सम्मेलन को संबोधित किया।
समारोह से पहले तिंग श्वेश्यांग ने चीन की व्यावसायिक शिक्षा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का दौरा
किया। इससे पहले, 15 अक्तूबर को पेइचिंग में उन्होंने अहमद ज़ाहिद हामिदी से मुलाकात भी की
थी। इस दौरान तिंग ने कहा कि चीन मलेशिया के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी
महत्वपूर्ण सहमतियों को लागू करना चाहता है। इसके तहत बुनियादी ढांचे, उच्च प्रौद्योगिकी, कृषि
और व्यावसायिक शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा भविष्य वाले उच्चस्तरीय रणनीतिक समुदाय के निर्माण की दिशा
में भी आगे बढ़ेंगे, ताकि दोनों देशों के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि इस सम्मेलन में दुनिया के 70 से अधिक देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग
लिया। सम्मेलन में व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा के विकास की दिशा और भविष्य की
आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। 'वैश्विक व्यावसायिक शिक्षा: बदलावों को अपनाना, मानक तय करना
और भविष्य का निर्माण करना' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में चार क्षेत्रीय सत्र भी हुए। इनमें
दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया, मध्य एशिया, अफ्रीका तथा यूरोप और अमेरिका पर विशेष
ध्यान दिया गया। इन सत्रों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा के विकास को लेकर
साझा सहमति बनाना था।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)