गोंडा में इंसाफ की मांग को लेकर टॉवर पर चढ़ी महिला, 3 साल के बेटे को साथ बांधकर मांगा इंसाफ

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सोमवार को एक महिला ने न्याय की मांग को लेकर ऐसा कदम उठाया, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों को घंटों तक परेशान रखा। महिला अपने तीन साल के बेटे को पीठ से बांधकर एक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

करीब 80 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़कर महिला ने प्रशासन का ध्यान खींचा

जानकारी के अनुसार महिला सुबह शहर के एक स्कूल परिसर में पहुंची और वहां लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। उसने अपने छोटे बेटे को साड़ी की मदद से कमर से बांध रखा था। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। महिला टॉवर पर काफी ऊंचाई तक पहुंचकर बैठ गई और नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया।

एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप

महिला का कहना था कि उसने गांव के एक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर पुलिस में मामला दर्ज कराया था। उसके अनुसार शिकायत के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और वह लगातार परेशानियों का सामना कर रही है। महिला का आरोप था कि वह कई बार अधिकारियों से मिल चुकी है, लेकिन उसे केवल आश्वासन ही मिला।

अफसरों ने घंटों तक समझाया, पानी और भोजन भी पहुंचाया

घटना की सूचना मिलते ही एडीएम, एएसपी, सिटी मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार बातचीत की गई। इस दौरान पुलिसकर्मी टॉवर पर पानी और बिस्किट लेकर भी पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन महिला अपनी मांगों पर अड़ी रही और न्याय मिलने तक नीचे आने को तैयार नहीं हुई।

डीएम के आश्वासन के बाद खत्म हुआ छह घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा

करीब छह घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद जिला अधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं महिला से बातचीत की। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा दिए जाने के बाद महिला अपने बेटे के साथ सुरक्षित नीचे उतर आई। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

घटना ने फिर उठाए शिकायतों पर कार्रवाई के सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने पर लोग किस हद तक जाने को मजबूर हो जाते हैं। गोंडा की यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।

 

 

 

 

 

 

 

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