योगी सरकार का कठोर रुख — “अवैध लोग मिलेंगे तो तुरंत डिटेंशन सेंटर भेजे जाएंगे…
अवैध बांग्लादेशियों पर योगी सरकार का कड़ा एक्शन
पूरे यूपी में अभियान तेज — डिटेंशन सेंटर भेजने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेशभर में पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें एयरपोर्ट के आसपास स्थित झुग्गी बस्तियों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। यह ऑपरेशन डीसीपी निपुण अग्रवाल के नेतृत्व में चला और पुलिस टीम ने दर्जनों झोपड़ियों में जाकर संदिग्ध लोगों की पहचान, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की। प्रशासन को इन इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह अभियान शुरू किया गया।
एयरपोर्ट के आसपास छापेमारी, संदिग्धों से पूछताछ — दावा: “हम असम के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन सभी लोगों की पहचान की, जो लंबे समय से बिना स्पष्ट प्रमाण के इस इलाके में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, कई संदिग्ध खुद को असम का निवासी बताते हैं, जबकि उन पर बांग्लादेश से अवैध तरीके से यूपी में घुसने का संदेह है।
जिन लोगों से पूछताछ की गई, वे झुग्गियों में रहते हैं और ज्यादातर कूड़ा बीनने का काम करते हैं। पुलिस को इन लोगों के इलाके में लगभग 13 साल से रहने की जानकारी मिली। हालांकि, संदिग्धों का दावा है कि वे असम से रोजी-रोटी की तलाश में आए थे और अब लखनऊ में स्थायी रूप से मजदूरी व कूड़ा बीनने का काम करते हैं। कई लोगों ने जांच के दौरान आधार कार्ड, एनआरसी (NRC) से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र होने की बात कही। उनका कहना है कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें कार्रवाई का डर नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में एक भी अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या को खुला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि अवैध विदेशी नागरिक न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरा हैं बल्कि कई आपराधिक गतिविधियों, मानव तस्करी और पहचान फर्जीवाड़े में भी शामिल पाए जाते हैं। सीएम योगी के इन निर्देशों के बाद प्रदेश भर में पुलिस, इंटेलिजेंस और लोकल प्रशासन की संयुक्त टीमें सक्रिय हैं। लखनऊ के अलावा गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, कानपुर और नोएडा जैसे बड़े जिलों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
डिटेंशन सेंटर में भेजने की तैयारी — क्या है प्रक्रिया?
पुलिस जांच के बाद जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे, या जो अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे, उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
आगे की प्रक्रिया
- पहचान और दस्तावेजों की जांच
- जिले की विदेशी नागरिक शाखा की रिपोर्ट
- FRO व पुलिस की संयुक्त जांच
- अवैध पाए जाने पर डिटेंशन सेंटर में शिफ्टिंग
- कानूनी प्रक्रिया के बाद बांग्लादेश सरकार से समन्वय
- देश वापस भेजने की कार्रवाई (Deportation)
सरकार का कहना है कि ये कार्रवाई मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखकर और कानून के दायरे में रहकर की जा रही है। लखनऊ पुलिस का बयान — “किसी भी संदिग्ध को बख्शा नहीं जाएगा। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मिले सभी संदिग्ध लोगों के दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं और उनकी सत्यता की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा “सीएम के निर्देश के बाद पूरे जिले में अभियान को तेज किया गया है। जहां भी अवैध विदेशी नागरिकों की जानकारी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई होगी। किसी भी संदिग्ध को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों में भी बढ़ी सतर्कता
एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से यहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग आकर बस गए हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि ये लोग झुग्गियों में रहते हैं और रात में बाहर काम करने निकलते हैं, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने की आशंका रहती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आसपास के निवासियों में भी राहत और सतर्कता दोनों दिख रही है। कई लोगों ने कहा कि प्रशासन को ऐसे अभियान पहले ही शुरू कर देने चाहिए थे।
प्रदेशभर में जारी रहेगा अभियान
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने जिलों को यह निर्देश दिए हैं कि अवैध नागरिकों की पहचान की सूची तैयार की जाए। जिन इलाकों में बड़ी संख्या में झुग्गियां हैं, वहां विशेष ऑपरेशन चलाया जाए। दस्तावेजों की फोरेंसिक सत्यापन की व्यवस्था की जाए। धिकारियों के मुताबिक, यह अभियान आने वाले हफ्तों में और अधिक आक्रामक होगा। योगी सरकार का यह एक्शन उत्तर प्रदेश में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। लखनऊ की आज की कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है। सरकार का संदेश साफ है अवैध घुसपैठ बर्दाश्त नहीं, कानून और सुरक्षा सर्वोपरि।





