रक्षाबंधन पर योगी सरकार का तोहफा: महिलाओं को 3 दिन मुफ्त बस यात्रा, सहयात्री के टिकट पर भी छूट
उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन Raksha Bandhan 2025 के शुभ अवसर पर महिलाओं को एक बार फिर बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि राज्य में 8 अगस्त से लेकर 10 अगस्त तक सभी महिलाओं को रोडवेज और नगर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इतना ही नहीं, इस वर्ष सरकार ने इस योजना में एक अहम बदलाव करते हुए इस बार महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले उनके एक सहयात्री का टिकट भी सरकार ने माफ करने का फैसला लिया है।
- यूपी में रक्षाबंधन पर महिलाओं को फ्री रोडवेज यात्रा की सौगात
- 8 से 10 अगस्त तक लागू रहेगा फैसला
- योगी आदित्यनाथ ने दी जानकारी
- बेटियों को मिलेगी घर जाने की सुविधा
- सहयात्री को भी नहीं देना होगा टिकट का पैसा
- 2017 से चली आ रही है परंपरा
- अब और व्यापक हुआ दायरा
- एक सहयात्री का टिकट भी माफ
राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है कि बहनें रक्षाबंधन के त्योहार पर बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने भाइयों के पास जा सकें और परिवार के साथ त्योहार मना सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि हमारी सरकार ने तय किया है। ‘रक्षाबंधन’ के पावन अवसर पर 8 से 10 अगस्त) उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम और नगर विकास की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा बहन-बेटियों को देने जा रहे हैं। यह पहल 2017 में शुरू हुई थी, जब रक्षाबंधन के त्यौहार के मौके पर राज्य की महिलाओं को आर्थिक बोझ से मुक्त रखते हुए अपने घर से भाइयों के पास पहुंचने और वापस घर लौटने का अवसर देने के लिए राज्य की योगी सरकार ने रोडवेज में मुफ्त सफर का ऐलान किया था।
योजना का दायरा और नियम
यह सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम UPSRTC और नगर विकास विभाग की बसों पर लागू होगी। इसमें सभी जनरथ, पिंक बसों, और सिटी ट्रांसपोर्ट बसों को शामिल किया गया है। यह सुविधा 8 अगस्त की रात 12 बजे से लेकर 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी।
इस योजना के तहत सभी महिला यात्रियों को नि:शुल्क यात्रा मिलेगी। महिला यात्री के साथ एक सहयात्री, जो पुरुष भी हो सकता है, उसका टिकट भी माफ किया जाएगा। यह योजना सिर्फ राज्य की सीमा के अंदर सफर करने पर लागू होगी।
पुरानी परंपरा को मिला नया रूप
योगी सरकार ने इस पहल की शुरुआत वर्ष 2017 में की थी। उस समय यह निर्णय इसलिए लिया गया था कि रक्षाबंधन पर बहनों को भाई के पास जाने के लिए बसों में सफर करने में कोई परेशानी न हो। यह योजना पहले केवल महिलाओं के लिए मुफ्त सफर तक सीमित थी, लेकिन अब इसमें सहयात्री को भी शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि हर साल इस योजना के तहत करीब 10-12 लाख महिलाएं सफर करती हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिलती है।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक ‘सुविधा’ नहीं, बल्कि ‘सम्मान’ है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमारी संस्कृति का अहम त्योहार है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई उनका हमेशा साथ निभाने का वादा करते हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने ये कदम उठाकर महिलाओं की सुविधा के साथ-साथ नारी गरिमा को भी सम्मानित किया है। सामाजिक संगठनों और महिलाओं से जुड़े संगठनों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना की है। सरकार ने बस सेवाओं को लेकर भी रोडवेज विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि ज्यादा से ज्यादा बसें चलाई जाएं और बारिश की स्थिति में भी यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।
योगी सरकार द्वारा रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को दी गई यह मुफ्त यात्रा की सुविधा एक सकारात्मक और संवेदनशील कदम है, जो न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में मददगार है, बल्कि सामाजिक भावनाओं को भी मजबूती देता है। साथ ही यह त्योहार के उल्लास को पूरे प्रदेश में और व्यापक बना देता है। प्रकाश कुमार पांडेय





