योगी सरकार का दिवाली गिफ्ट: 1.86 करोड़ महिलाओं को फ्री LPG सिलेंडर, जानिए कैसे मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस दिवाली पर प्रदेश की 1.86 करोड़ माताओं और बहनों को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में एक भव्य समारोह में मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल योजना का शुभारंभ करेंगे।
दिवाली पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा
यह योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को महंगाई से राहत देना और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को हर साल दो मुफ्त एलपीजी रिफिल मिलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे दिवाली और आने वाले त्योहारी सीजन में महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
- दिवाली पर योगी का तोहफा
- दो चरणों में वितरण योजना
- मुफ्त सिलेंडर ऐसे मिलेगा
- उज्ज्वला योजना की उपलब्धियां
- निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित
दो चरणों में होगा वितरण, 1500 करोड़ का बजट
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। वितरण दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण: अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025 जबकि दूसरा चरण जनवरी 2026 से मार्च 2026 को होगा। पहले चरण में 1.23 करोड़ आधार प्रमाणित लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा। इन लाभार्थियों के बैंक खातों में सब्सिडी की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना में कोई बिचौलिया न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
जानें कैसे मिलेगा मुफ्त सिलेंडर का लाभ?
लाभार्थियों को सिलेंडर लेने के लिए कोई अलग आवेदन नहीं करना होगा। उज्ज्वला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को सीधे इसका फायदा मिलेगा। लाभार्थी पहले 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर बाजार दर पर खरीदेंगे। 3 से 4 दिनों के भीतर सब्सिडी की पूरी राशि उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में वापस भेज दी जाएगी। जिनके पास 5 किलोग्राम का सिलेंडर है, वे भी 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर का लाभ ले सकेंगे। योजना का लाभ एकल कनेक्शन धारकों को भी दिया जाएगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह डिजिटाइज्ड रहेगी।
उज्ज्वला योजना से जुड़ी उपलब्धियां
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) मई 2016 में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उत्तर प्रदेश इस योजना के कार्यान्वयन में देश में अग्रणी राज्य रहा है। अब तक 1.86 करोड़ परिवारों को स्वच्छ ईंधन से जोड़ा जा चुका है। ग्रामीण इलाकों की रसोई से धुआं कम हुआ है, जिससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की खपत में 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब “मुफ्त सिलेंडर रिफिल योजना” से यह पहल और भी मजबूत होगी।
आधार सत्यापन और पारदर्शी निगरानी
सरकार ने योजना के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार प्रमाणन को अनिवार्य बनाया है। जिन लाभार्थियों का आधार सत्यापन नहीं हुआ है, उनके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऑयल कंपनियां और प्रशासन एक नया मोबाइल ऐप विकसित कर रहे हैं, जिससे वितरण में तेजी आएगी। वितरकों के पास अतिरिक्त लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। लाभार्थियों को SMS और कॉल के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। राज्य और जिला स्तर पर समिति गठन किया गया है ताकि हर शिकायत का त्वरित समाधान हो सके। राज्य स्तर पर खाद्य आयुक्त कार्यालय नियमित समीक्षा करेगा, जबकि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में साप्ताहिक बैठकें होंगी।
वजन और गुणवत्ता पर सख्त निगरानी
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को पूरा 14.2 किलोग्राम गैस ही दी जाए। अगर सिलेंडर का वजन कम पाया गया तो वितरक को तुरंत नया सिलेंडर देना होगा। बांट-माप विभाग और जिला प्रशासन को नियमित रूप से जांच करने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा सरकार चाहती है कि यह सुविधा ग्रामीण स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।
दिवाली पर खुशियों की सौगात
यह योजना केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि महिलाओं को सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। ग्रामीण रसोई में धुआं रहित ईंधन का उपयोग बढ़ाने के साथ-साथ यह पहल त्योहारों पर खुशियां भी लाएगी। मुफ्त एलपीजी रिफिल से हजारों परिवार दिवाली पर “चूल्हा नहीं, सिलेंडर जलाएंगे”, जिससे स्वास्थ्य और सुविधा दोनों में सुधार होगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)