Latest Uttar Pradesh News: घोषणाओं से आगे निकलकर ज़मीन पर काम योगी सरकार ने गिनाईं 9 साल की उपलब्धियाँ, एआई से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक बड़ा रोडमैप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट सत्र के आख़िरी दिन अपनी सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकारों में योजनाएँ काग़ज़ों तक सीमित रह जाती थीं, जबकि मौजूदा सरकार ने हर घोषणा को ज़मीन पर उतारने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का असर आज प्रदेश की बदली हुई छवि में साफ दिखाई देता है।

उत्तर प्रदेश की छवि में ऐतिहासिक बदलाव, आत्मविश्वास से भरे नागरिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को लेकर देश और दुनिया की सोच बदली है। आज प्रदेश का नागरिक देश-विदेश में गर्व के साथ खुद को उत्तर प्रदेश का निवासी बताता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों के जरिए यह भरोसा पैदा किया है कि प्रदेश अब अवसरों की भूमि बन चुका है। योगी ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि लोगों के आत्मविश्वास में दिखता है।

भेदभाव की राजनीति से अलग रास्ता, योजनाओं का समान लाभ

सीएम योगी ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कई योजनाएँ केवल पार्टी विशेष से जुड़े लोगों तक सीमित थीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पेंशन का लाभ चयनित वर्ग को मिलता था, जबकि मौजूदा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के योजनाओं को लागू किया है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर चलते हुए हर वर्ग तक लाभ पहुँचाना है, न कि किसी राजनीतिक कैडर को खुश करना।

एआई और रोबोटिक्स में बड़ी छलांग, युवाओं के लिए करोड़ों का निवेश

मुख्यमंत्री ने तकनीक के क्षेत्र में प्रदेश की बड़ी योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर रोबोटिक्स मिशन के लिए समझौता ज्ञापन किया है। इसके तहत ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है और इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सरकार 25 लाख युवाओं को मुफ्त एआई वर्जन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। युवाओं को रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें।

शहरीकरण और आर्थिक जोन से बदलेगा विकास का नक्शा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। लखनऊ और आसपास के जिलों को ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसे सिटी इकोनॉमिक जोन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके अलावा काशी से विंध्याचल तक फैले क्षेत्र को दूसरा आर्थिक जोन बनाया जाएगा, जिसमें चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे जिले शामिल होंगे। इन क्षेत्रों को विशेष आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाकर रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत, पशुधन और मत्स्य क्षेत्र पर फोकस

सीएम योगी ने कहा कि सरकार केवल शहरी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समान रूप से मजबूत कर रही है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही नस्ल सुधार के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुधन की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।

Exit mobile version