कौन हैं पप्पू, टप्पू और अप्पू …योगी आदित्यनाथ का हमला: अयोध्या को लेकर कांग्रेस-राजद पर तीखा प्रसंग, कहा — “बिहार में रामराज्य का उदय होगा”
दरभंगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि जो लोग अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले थे, वे अब बिहार में धर्म और विकास के नाम पर जनता को ठगने आये हैं। केवटी विधानसभा के भगवा अभियान के समर्थन में भाजपा प्रत्याशी मुरारी मोहन झा के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधनों पर निशाना साधा और मिथिला के भावनात्मक-सांस्कृतिक मूल्य को उजागर किया।
- योगी का हमला पप्पू-टप्पू-अप्पू पर
- कांग्रेस-राजद पर बरसे योगी आदित्यनाथ
- बिहार में बोले यूपी के सीएम
- अयोध्या से जोड़ी मिथिला की भावनाएं
- रामराज्य के उदय की घोषणा
- मां जानकी मंदिर निर्माण का वादा
- एनडीए सरकार को बताया विकासकारी
- विपक्ष को कहा अराजकता का प्रतीक
- मखाना उद्योग को मिली नई पहचान
- बुलडोजर नीति अब बिहार मॉडल
“इंडिया गठबंधन के तीन बंदर हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू
सभास्थल पर योगी ने कहा कि “इंडिया गठबंधन के तीन बंदर हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू अच्छा देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता।” उनका कहना था कि ऐसे लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए विकास को न तो देख पाते हैं और न ही देश की तरक्की की खुशबू महसूस कर पाते हैं। इन टिप्पणियों में उन्होंने कांग्रेस और राजद को अलग-अलग मामलों में आड़े हाथों लिया और कहा कि यही वे नेता हैं जिन्होंने न केवल बिहार को हिंसा, नरसंहार और अराजकता की आग में झोंका, बल्कि उन्होंने मां जानकी व भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए।
बिहार में होने जा रहा है रामराज्य का उदय
योगी आदित्यनाथ ने मिथिला को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से केन्द्र में रखकर कहा कि यह पावन धरती रामद्रोही ताकतों को स्पष्ट संदेश दे रही है कि अब बिहार में रामराज्य का उदय होने जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और रामलला विराजमान हुए, तो उसी तरह सीतामढ़ी में भी मां जानकी के लिए भव्य मंदिर का निर्माण डबल इंजन की सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। “यही होती है अच्छी सरकार का फायदा — आस्था का सम्मान और विकास का संकल्प,” उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा।
सीएम ने दावे किए कि वर्तमान केंद्र व राज्य सरकारों के प्रयासों से मिथिला व बिहार की पहचान को नई ऊँचाइयाँ प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दरभंगा के मखाना उद्योग को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित किया और स्थानीय हस्तशिल्प तथा चूड़ियों को नयी पहचान दिलाई। योगी ने विकास के दावों का जिक्र करते हुए बताया कि अब यात्रा व कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है — पहले अयोध्या से दरभंगा पहुंचने में 16 घंटे लगते थे, जबकि अब लखनऊ से दरभंगा केवल 45 मिनट की दूरी पर आ गया है। उन्होंने बताया कि सड़कों, रेलवे, हवाई मार्ग और जलमार्ग के माध्यम से बिहार का समग्र कनेक्टिविटी नेटवर्क मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर उल्लेख किया कि हल्दिया से अयोध्या तक इनलैंड वॉटरवे के जरिए बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश को जोड़ा गया है, जिसे उन्होंने “विकास की असली गंगा” करार दिया। इस परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे व्यापार और यातायात के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
RJD के शासनकाल में बिहार नरसंहारों और सामाजिक विखंडन की चपेट में था
विपक्ष पर प्रहार करते हुए योगी ने कहा कि राजद के शासनकाल में बिहार नरसंहारों और सामाजिक विखंडन की चपेट में था। “बेटियाँ असुरक्षित थीं, व्यापारी भयभीत थे, और अपहरण एक उद्योग बन गया था,” उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ने कानून-व्यवस्था और सुशासन प्रदान किया है और आज बिहार में शांति तथा सुरक्षा है। यूपी के उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहाँ माफिया पर बुलडोजर चला कर अवैध लाभों को खत्म किया जा रहा है और वही नीति बिहार में भी लागू की जायेगी।
योगी ने कश्मीर से धारा 370 हटाने के निर्णय का भी समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उस अन्याय को समाप्त कर के वहां के नागरिकों के लिये सम्मानजनक आधार तैयार किया। उनका कहना था कि इसके बाद मिथिला के लोग भी वहां सम्मानपूर्वक रह सकेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियाँ गरीबों को आवास, किसानों को सम्मान निधि, नौजवानों को रोजगार और माताओं-बहनों को उज्ज्वला जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं।
कांग्रेस और राजद को “जातीय हिंसा, अपहरण और अराजकता के प्रतीक”
सभा में मुख्यमंत्री ने बार-बार कांग्रेस और राजद को “जातीय हिंसा, अपहरण और अराजकता के प्रतीक” बताया और कहा कि जिनका इतिहास हिंसा और समाज को तोड़ने का रहा है, वे आज विकास का चेहरा बन कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे एकता बनाए रखें और एनडीए को वोट देकर बिहार के सुरक्षित और विकासशील भविश्य को सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर भाजपा के स्थानीय व केंद्रीय नेता भी मौजूद थे और उन्होंने उम्मीदवार मुरारी मोहन झा के लिए समर्थन प्रकट किया। जनता ने मुख्यमंत्री के भाषण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं— कुछ ने विकास के दावों का स्वागत किया, जबकि अन्य ने विरोधी दलों के प्रति तीखे आरोपों पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चुनावी माहौल में यह भाषण भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो धार्मिक भावनाओं और विकास-वादा को जोड़कर वोटर्स को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।




