बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। बुधवार को अपने भाषण में उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत के हितों को मजबूती से नहीं रखा गया और सरकार बातचीत में कमजोर नजर आई। राहुल गांधी ने टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भारतीय उत्पादों पर अमेरिका का शुल्क करीब 3 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने इसे भारत के लिए नुकसानदेह करार दिया और कहा कि इसमें कई गुना बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर इस डील से भारत को क्या ठोस फायदा मिला। उन्होंने कहा कि फरवरी की शुरुआत में हुई इस व्यापारिक सहमति में अमेरिका को राहत जरूर मिली, लेकिन भारत को अपनी सबसे बड़ी ताकत यानी भारतीय डेटा को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए था। राहुल के मुताबिक, भारतीय डेटा वह एसेट है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और डॉलर जैसी मुद्राओं को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन इस बातचीत की मेज पर होता, तो अमेरिका के सामने तीन साफ शर्तें रखी जातीं—पहली, दोनों देशों के बीच बातचीत बराबरी के स्तर पर होती। दूसरी, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। तीसरी, जैसे अमेरिका अपने किसानों की रक्षा करता है, वैसे ही भारत भी अपने किसानों के हितों से पीछे नहीं हटता।




