शीत्सांग के विशेष उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी, पहली छमाही में निर्यात 18.7% बढ़कर 3.34 करोड़ युआन (करीब ₹40 करोड़) पहुंचा
स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिली नई पहचान, निर्यात में लगातार बढ़ोतरी दर्ज
चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के विशेष उत्पाद वैश्विक बाजार में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रदेश के विशेष उत्पादों का कुल निर्यात 3 करोड़ 33 लाख 61 हजार युआन (करीब ₹40 करोड़) तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18.7 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि ने स्थानीय उद्योगों और निर्यात कारोबार को नई गति प्रदान की है।
सीमा शुल्क व्यवस्था में सुधार से निर्यात प्रक्रिया हुई तेज और आसान
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ल्हासा सीमा शुल्क विभाग ने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। सीमा शुल्क निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे माल की जांच और क्लीयरेंस पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो रही है। ‘ग्रीन चैनल’ व्यवस्था के जरिए उत्पादों को समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। इससे स्थानीय निर्यातकों का समय और लागत दोनों कम हुई हैं।
हवाई मार्ग से पहली बार सीधे निर्यात की सुविधा मिलने से कारोबार को मिला नया विस्तार
इस वर्ष पहली बार शीत्सांग के विशेष उत्पादों के लिए हवाई अड्डे से सीधे निर्यात की सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही सड़क, रेल और डाक सेवाओं को जोड़कर बहु-माध्यमीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे उत्पादों की तेज और सुरक्षित डिलीवरी संभव हो रही है तथा अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंच पहले से अधिक आसान बन गई है।
स्थानीय उद्योगों को तकनीकी सहायता और व्यापारिक सहयोग से मिला बड़ा लाभ
ल्हासा सीमा शुल्क विभाग ने क्षेत्र की 10 से अधिक कंपनियों के लिए विशेष क्रेडिट विकास योजनाएं तैयार की हैं। साथ ही विशेषज्ञ टीमों के माध्यम से निर्यात नीति, दस्तावेजी प्रक्रिया और सीमा शुल्क घोषणा संबंधी तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि शिगात्से शहर का पहला AEO (अधिकृत आर्थिक संचालक) प्रमाणित उद्यम भी तैयार हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उसकी विश्वसनीयता बढ़ी है।
उच्च गुणवत्ता वाले विकास और वैश्विक व्यापार विस्तार पर रहेगा विशेष जोर
प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में शीत्सांग के विशेष उत्पादों की निर्यात क्षमता को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, भौगोलिक विशेषताओं और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़कर उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम जारी रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचा और सरल व्यापारिक नीतियां इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नया केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)