राजस्थान के इस शहर में बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा रावण का पुतला….दहन के साथ दर्ज बनेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
देश भर में 2 अक्टूबर को दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। विजयादशमी पर जगह-जगह रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है, लेकिन इस बार कोटा का दशहरा मेला विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। यहां 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में 215 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। यह दुनिया का अब तक का सबसे ऊंचा रावण का पुतला माना जा रहा है। इस अनोखी उपलब्धि के साथ कोटा का नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की पूरी संभावना है।
- दशहरा मेला 2025 में कोटा रचने जा रहा इतिहास
- 2 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा दशहरा का पर्व
- विजयादशमी पर होगा जगह-जगह रावण दहन
- कोटा का दशहरा मेला विश्व पटल पर बनाएगा अलग पहचान
- 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेला,215 फीट ऊंचा रावण का पुतला
- दुनिया का अब तक का सबसे ऊंचा रावण का पुतला
- हो सकता है एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल से बना अनोखा पुतला
मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सुझावों पर इस बार कोटा दशहरा मेले को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के प्रयास किए गए हैं। बिरला ने यह इच्छा जताई थी कि दशहरा मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में चर्चा का विषय बने। इसी सोच के तहत रावण का 215 फीट ऊंचा पुतला तैयार कराया गया है। अब तक कोटा में रावण के पुतले 72 से 75 फीट ऊंचाई तक ही बनाए जाते थे। परंपरा और आधुनिकता के संगम के बीच यह नया प्रयोग मेले को ऐतिहासिक बना देगा।
निगम इंजीनियरों ने ड्रोन से किया माप
इतिहास रचने से पहले तकनीकी जांच भी जरूरी थी। नगर निगम के अभियंताओं की टीम ने ड्रोन की मदद से पुतले का मेजरमेंट किया। प्रारंभिक आंकड़ों में पुतला 215 फीट से भी अधिक ऊंचा पाया गया। इस माप को आधार मानकर अब रिकॉर्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यही नहीं, रावण दहन के दिन इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहेंगे। वे अपने निर्धारित मापदंडों के अनुसार पुतले को मापेंगे और उसी दिन प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।
अब तक दिल्ली के नाम था सबसे ऊंचे रावण का रिकॉर्ड
दुनिया का सबसे ऊंचा रावण का पुतला बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल दिल्ली के नाम दर्ज है। वर्ष 2024 में वहां 210 फीट का पुतला दहन किया गया था, जिसे विश्व रिकॉर्ड माना गया। इससे पहले 2019 में चंडीगढ़ में 221 फीट का पुतला बनाने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह खड़ा नहीं हो सका। इस कारण वह उपलब्धि आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो पाई। कोटा का यह 215 फीट ऊंचा पुतला न केवल दिल्ली का रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि दशहरा पर्व को एक नए वैश्विक आयाम पर ले जाएगा।
कोटा बनेगा विश्व पटल पर आकर्षण का केंद्र
रावण दहन केवल धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी देता है। कोटा में तैयार इस भव्य पुतले से न केवल स्थानीय स्तर पर उत्सव का रंग बढ़ेगा, बल्कि देश-दुनिया का ध्यान भी इस ओर खिंचेगा। दशहरा मेला समिति की मानें तो इस आयोजन से कोटा पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन सकता है। रिकॉर्ड दर्ज होते ही कोटा का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आएगा। कोटा का 132वां दशहरा मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का भी केंद्र बनने जा रहा है। 215 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन इस बार न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बनेगा, बल्कि कोटा की शान को विश्व पटल पर स्थापित कर देगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)