उस महिला ने प्यार से पूछा था…“भैया बरेली चलोगे?…बेचारा कैब ड्राइवर खुशी-खुशी हो गया तैयार…सुनसान सड़क पर हो गया ये कांड
गाजियाबाद। एक मासूम सवाल — “भैया, बरेली चलोगे?” — और उसी सवाल के पीछे छिपी थी एक खतरनाक साजिश। गाजियाबाद में एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक कैब ड्राइवर को लूटने की योजना बनाई। मामला अब पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तकनीक और ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के इस दौर में ड्राइवरों की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित होगी?
रात में आई फोन कॉल, ड्राइवर मान गया तैयार
उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के कैब ड्राइवर को पिछले दिनों देर रात एक फोन कॉल आई। कॉल एक महिला की थी। उसने बेहद नरमी और प्यार से पूछा भैया, रात में बरेली चलोगे?। ड्राइवर को लगा कि यह उसके लिए एक अच्छा मौका है। रात में सफर कर लेगा और सुबह तक लौटकर अपनी ड्यूटी फिर शुरू कर देगा। उसे लगा कि इसमें अच्छी कमाई हो जाएगी। उसने बिना कुछ सोचे-समझे हामी भर दी। तय समय पर वह महिला के बताए पते पर पहुंच गया।
कार में बैठे तीन लोग, एक पीछे से आया
जैसा तय हुआ था, महिला अपने दो दोस्तों रवि उर्फ करन और रितिक के साथ कार में बैठ गई। वहीं चौथा साथी अभिमन्यु अपनी कार से उनके पीछे-पीछे चल पड़ा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था। मुस्कान रास्ते भर हल्की-फुल्की बातें करती रही, ताकि ड्राइवर को शक न हो। ड्राइवर को लगा कि यह आम सवारी है, जो रात में किसी जरूरी काम से बरेली जा रही है। लेकिन कुछ ही देर में सब कुछ बदल गया।
सुनसान सड़क पर रुकवाई कार, और फिर…
रात गहराती जा रही थी। तभी मुस्कान ने कहा कि रास्ते में उनके एक दोस्त को गांव छोड़ना है, फिर वे सीधे बरेली निकल जाएंगे। ड्राइवर ने बिना झिझक कार मोड़ दी और उस दिशा में चल पड़ा, जिस दिशा में अंधेरा ज्यादा था और आबादी कम। जैसे ही कार सुनसान जगह पर पहुंची, पीछे बैठे रवि और रितिक ने ड्राइवर की गर्दन पर चाकू रख दिया। ड्राइवर सन्न रह गया। उसने कार रोक दी। इस बीच पीछे से अभिमन्यु भी अपनी कार लेकर मौके पर पहुंच गया। चारों ने मिलकर ड्राइवर को कार से नीचे उतार दिया और उसका मोबाइल फोन और कार लूट ली।
ड्राइवर किसी तरह भागा, पहुंचा थाने
ड्राइवर ने मौके का फायदा उठाकर किसी तरह अपनी जान बचाई और भागता हुआ नजदीकी थाने पहुंचा। उसने हांफते हुए पुलिस को पूरी कहानी सुनाई। किस तरह एक महिला और उसके साथी खुद को यात्रियों के रूप में पेश करके उसे सुनसान जगह ले गए और लूटकर भाग गए। गाजियाबाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और संदिग्ध कार की लोकेशन ट्रेस करनी शुरू कर दी।
साजिश की कहानी खुली — “पहले से जानते थे एक-दूसरे को
पुलिस ने जब जांच की, तो पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पकड़े गए आरोपियों मुस्कान भाटी, अभिमन्यु और करन रवि ने पूछताछ में बताया कि वे सभी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इन चारों ने मिलकर लूटपाट कर मौज-मस्ती करने की योजना बनाई थी। 9 दिसंबर को अभिमन्यु ने मुस्कान को एक ओला कैब ड्राइवर का नंबर दिया और कहा कि उसे फोन कर कहो कि “रात में बरेली जाना है। योजना के मुताबिक, जब ड्राइवर तैयार हो गया, तो उन्होंने रात में कार बुक की और योजना को अंजाम देने निकल पड़े।
कैसे बनी ‘मुस्कान’ साजिश की चाबी
इस लूट की कहानी में महिला मुस्कान की भूमिका सबसे अहम थी। वह योजना की “मुख्य कड़ी” थी, जिसने अपने मीठे व्यवहार और भरोसेमंद अंदाज से ड्राइवर को जाल में फंसाया। पूरी योजना में उसका काम ड्राइवर का भरोसा जीतना और उसे सुनसान रास्ते पर ले जाना था। जैसे ही यह हुआ, बाकी आरोपियों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस ने चलाया अभियान, तीन गिरफ्तार, एक फरार
ड्राइवर की शिकायत के बाद गाजियाबाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने मौका-ए-वारदात से लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार तीन आरोपी — मुस्कान भाटी, अभिमन्यु और करन रवि — पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हालांकि चौथा आरोपी रितिक मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार, आरोपी लूटी गई कार और मोबाइल फोन को बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें धर दबोचा गया।
पुलिस ने की अपील — “रात में सावधानी बरतें”
गाजियाबाद पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। साथ ही, पुलिस ने ओला और उबर जैसे कैब ड्राइवरों को सलाह दी है कि वे रात के समय अजनबी कॉल्स या लंबी दूरी की यात्राओं के लिए विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने कहा कि इस तरह के कई गैंग सक्रिय हैं, जो रात में “लॉन्ग राइड” के बहाने लूटपाट करते हैं।
भरोसे के जाल में फंसा ड्राइवर
यह मामला सिर्फ एक लूट की वारदात नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी भी है जिसे अपराधियों ने हथियार बना लिया। महिला के विनम्र शब्दों और सहज अंदाज ने एक मेहनतकश ड्राइवर को जाल में फंसा दिया। अब पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी हैं, जबकि एक फरार है। लेकिन यह घटना सभी कैब ड्राइवरों और यात्रियों के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आई है। रात के अंधेरे में हर मुस्कान भरोसेमंद नहीं होती।





