राजस्थान विधानसभा चुनाव: राज बदलेगा या रिवाज! क्या चलेगा गहलोत का जादू या BJP होगी राज बदलने कामयाब,जानिए क्या चुनावी समीकरण

Rajasthan Assembly election results

राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राजस्थान ऐसा राज्य है जहां हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज पिछले 30 साल से कायम है। क्या इस बार भी रिवाज कायम रहेगा या गहलोत सरकार इसे बदलने में कामयाब साबित होगी, 3 दिसंबर को ही पता चलेगा।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव

किस-किस सीट पर कितने प्रत्याशी

जोधपुर संभाग-

उदयपुर संभाग-

अजमेर संभाग-

बीकानेर संभाग-

भरतपुर संभाग-

कोटा संभाग-

राजस्थाान में कुल कितने वोटर

राजस्थान में सुरक्षा को लेकर किये गये पुख्ता इंतेजाम की बात करें तो जिलों में होमगार्ड के जवान तैनात किये गये हैं। जयपुर-1053, जयपुर ग्रामीण-1288, अलवर- 993, दौसा- 332 सीकर- 55, झुन्झुनु-782, चुरू- 566, भरतपुर- 588 और करौली- 343 जवान तैनात किये गये हैं। राजस्थान चुनाव के इस रण की तस्वीर साफ होने से पहले महिला शक्ति की गूंज संसद से सड़क तक सुनाई दी थी। लेकिन टिकट देते समय फिर वही ढाक के तीन पात कहावत चरितार्थ हुई। महिला कोटा अभी लागू नहीं हुआ है पर किसी दल ने स्वयं से प्रेरित होकर 33% टिकट देना जरूरी नहीं समझा। ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योकिं बीजेपी ने 200 सीटों में 20 महिला प्रत्याशी तो कांग्रेस ने 200 में 28 महिला प्रत्याशी को चुना है। आइये समझते है समीकरण…

जयपुर में आती है 19 विस सीट। 19 सीटों पर कुल प्रत्याशी-199। गुलाबी शहर में पुरूष प्रत्याशी-178। गुलाबी शहर में महिला प्रत्याशी-21। जयपुर में बीजेपी ने दो प्रत्याशी उतारे। जयपुर में कांग्रेस ने भी दो प्रत्याशी उतारे।

ऐसी सीट जहां महिला उम्मीदवार ज्यादा

7 सीटों पर ज्यादा महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। किशनगंज-4, बीकानेर ईस्ट-4, जोधपुर-4
हिंडौन-4 ,जायल-4 , सोजत-4 और सवाई-माधोपुर में भी 4 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।

10 सीटों पर महिला प्रत्याशी

बयाना-3, अजमेर नॉर्थ-3, सादुलपुर-3, महुवा-3, सिकराय-3,धौलपुर-3, अनूपगढ़-3, विद्याधर नगर-3, सिविल लाईन्स-3 और बगरू-3 महिला उम्मीदवार।

क्या चुनावी बेला…ये दाग में अच्छे है?

राजस्थान में इस बार आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बार अपराध और गंभीर अपराध के रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार बढ़ गए हैं। अगर अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की तुलना की जाए तो सूबे में राज्य स्तरीय पार्टियों के उम्मीदवारों में 30 प्रतिशत दागी हैं। जबकि राष्ट्रीय दलों में 22 प्रतिशत उम्मीदवार का अपराधिक बैकग्राउंड है। विधानसभा चुनाव के मैदान में डटे 326 उम्मीदवारों पर छोटे बड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 236 उम्मीदवारों पर तो गंभीर किस्म के अपराधिक मामले दर्ज हैं।

एक बूथ 35 मतदाता

बता दें कि राजस्थान के बाड़मेर में एक पोलिंग बूथ ऐसा बनाया गया है। जहां सिर्फ 35 मतदाता हैं। यह पोलिंग बूथ पाकिस्तान की सीमा से सटे बाड़मेर के पार गांव में बनाया गया है। यह पोलिंग बूथ एक ही परिवार के लिए बनाया गया है।

1875 में से 651 करोड़पति उम्मीदवार

विधानसभा चुनावों में करोड़पति नेताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ रहे 1875 में से 651 उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं छह अरबपति हैं।

 

चूरू से कांग्रेस उम्मीदवार- रफीक मंडेलिया प्रॉपर्टी- 166 करोड़। नीमकाथाना से बीजेपी उम्मीदवार- प्रेम सिंह बाजौर प्रॉपर्टी- 123 करोड़। निंबाहेड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार- उदयलाल आंजना प्रॉपर्टी- 122 करोड़ । डीग कुम्हेर से कांग्रेस उम्मीदवार- विश्वेंद्र सिंह प्रॉपर्टी- 109 करोड़ । नागौर से बीजेपी प्रत्याशी – ज्योति मिर्धा प्रॉपर्टी-102 करोड़। बीकानेर ईस्ट से बीजेपी उम्मीदवार- सिद्धि कुमारी प्रॉपर्टी-102 करोड़। सादुलशहर से निर्दलीय उम्मीदवार-ओम बिश्नोई प्रॉपर्टी-92 करोड़। संगरिया से एएसपी उम्मीदवार- डॉ. परम नवदीप प्रॉपर्टी-91 करोड़। सिवाना से कांग्रेस प्रत्याशी- मानवेंद्र सिंह प्रॉपर्टी- 89 करोड़। सिवाना से निर्दलीय प्रत्याशी- सुनील परिहार प्रॉपर्टी-87 करोड़।

दांव पर कई महारथियों की साख

राजस्थान के रण में 25 नवंबर को मतदाता अपने मतों को EVM में कैद होगी। साथ ही साथ प्रदेश के प्रमख मंत्रियों और नेताओं की ही किस्मत EVM में कैद होगी जो राजस्थान की राजनीति में अहम रोल अदा करते है। आइये जानते है राजस्थान के रण में मौजूद महारथियों के बारे जिनकी साख दांव पर लगी हुई है।

राज्य की हॉट सीट सरदारपुरा

सरदारपुरा, जोधपुर की सरदारपुरा एक शहरी सीट है। जहां सीएम गहलोत मैदान में उतरे हैं। यह उनकी परंपरागत सीट है। यहां भाजपा की ओर से प्रोफेसर महेंद्र राठौड़ मैदान में उतारे हैं।

झालरापाटन

झालावाड़ की झालरापाटन सीट भी चर्चा में रहती है। यहां पूर्व सीएम वसुंधरा राजे 1998 से यहीं से चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने रामलाल चौहान को मैदान में उतारा है।

टोंक

टोंक सीट से पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। भाजपा ने अजीत मेहता को यहां से उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने 2018 में पायलट को लड़वाया चुनाव था। भाजपा की सेफ सीट मानी जाती थी टोंक सीट।

नाथद्वारा

नाथद्वारा भी अहम सीट है। कांग्रेस से सीपी जोशी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। विश्वराज सिंह से उनका मुकाबला होगा।

लक्ष्मणगढ़

तारानगर

तिजारा

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