रोहित पवार कौन हैं? अजित पवार की मौत पर उठे सवालों से क्यों गरमाई सियासत, प्रफुल्ल पटेल कैसे आए घेरे में
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की मौत के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। जहां एक ओर आधिकारिक एजेंसियां दुर्घटना की जांच में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इस हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है, बल्कि एनसीपी (अजित गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का नाम भी चर्चा में आ गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए सनसनीखेज सवाल
रोहित पवार ने कहा मैंने अपने काका को खोया है। महाराष्ट्र ने एक नेता खोया है। जब तक हमारी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, हम सवाल उठाते रहेंगे।” रोहित ने विमान की मालिक कंपनी VSR, फ्लाइट हैंडलिंग करने वाली ARROW कंपनी, पायलट कैप्टन सुमित कपूर और मेंटेनेंस से जुड़े पहलुओं पर संदेह जताया। उन्होंने दावा किया कि कई तकनीकी और प्रक्रियागत सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिया गया है।
VSR कंपनी और मेंटेनेंस पर सवाल
रोहित पवार ने पूछा कि क्या विमान का नियमित मेंटेनेंस हुआ था? टेक लॉग और एयरवर्दी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया था। उन्होंने 2023 में VSR कंपनी के एक अन्य विमान हादसे का हवाला देते हुए कहा कि उसकी अंतिम रिपोर्ट भी अब तक सार्वजनिक नहीं हुई। रोहित का आरोप है कि DGCA पर दबाव हो सकता है और जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
फ्लाइट प्लान में आखिरी समय पर बदलाव
रोहित पवार ने यह भी दावा किया कि अजित पवार पहले सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनका काफिला तैयार था। फिर अचानक विमान से जाने का निर्णय क्यों लिया गया? फ्लाइट बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। किसके दबाव में यात्रा का प्लान बदला गया? क्या यह पहले से तय था?
पायलट और क्रू को लेकर उठे प्रश्न
रोहित ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कपूर को पहले शराब सेवन के मामले में सस्पेंड किया गया था। लैंडिंग के समय उनकी प्रतिक्रिया संदिग्ध क्यों थी? रनवे 29 की अनुमति के बाद रनवे 11 क्यों मांगा गया, जबकि वह ज्यादा चुनौतीपूर्ण था? उन्होंने को-पायलट शांभवी पाठक के अनुभव का जिक्र करते हुए पूछा कि अंतिम निर्णय किस आधार पर लिए गए। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि पहले कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश को असाइन किया गया था, लेकिन आखिरी समय में बदलाव हुआ। आखिर यह बदलाव क्यों किया गया?
ट्रांसपोंडर और ब्लैक बॉक्स का मुद्दा
रोहित पवार ने कहा कि आखिरी एक मिनट का ट्रांसपोंडर डेटा उपलब्ध नहीं है। क्या इसे जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने ब्लैक बॉक्स की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों—जैसे NTSB और UK की AAIB—को जांच में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि कम विजिबिलिटी के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई, जबकि पूर्व में ऐसी परिस्थितियों में अजित पवार हवाई यात्रा टाल चुके थे।
प्रफुल्ल पटेल का नाम क्यों आया?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने देश में लियरजेट विमानों की MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेवाएं देने वाली कंपनियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक कंपनी दिल्ली में है और दूसरी मुंबई में, जिसका स्वामित्व प्रफुल्ल पटेल से जुड़ा बताया जाता है। हालांकि रोहित ने सीधे तौर पर किसी पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन मेंटेनेंस से जुड़े सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रफुल्ल पटेल का नाम चर्चा में आ गया।
शरद पवार की अलग राय
गौरतलब है कि हादसे के कुछ ही घंटे बाद एनसीपी (शरद गुट) प्रमुख शरद पवार ने इसे दुर्घटना बताया था और साजिश की आशंका से इनकार किया था। इस पर रोहित पवार ने कहा कि उस समय पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी और अब तथ्यों के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जांच की स्थिति
विमान हादसे की जांच AAIB और DGCA कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है। महाराष्ट्र CID भी जांच में शामिल है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने समयबद्ध जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने में समय लग सकता है, लेकिन रोहित पवार के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
कौन हैं रोहित पवार?
महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार का खास प्रभाव रहा है। रोहित पवार इसी राजनीतिक परिवार से आते हैं। वे राजेंद्र पवार के बेटे हैं। राजेंद्र पवार, शरद पवार के भाई अप्पासाहेब पवार के पुत्र हैं। इस तरह रोहित, शरद पवार के ग्रैंडनेफ्यू (भतीजे के बेटे) हैं और अजित पवार उनके चाचा लगते थे। रोहित पवार कारजात-जमखेड़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पहली बार 2019 में विधायक बने। एनसीपी में विभाजन के बाद वे शरद पवार गुट के साथ खड़े रहे और हाल के वर्षों में अजित पवार गुट के खिलाफ मुखर रहे हैं। पार्टी में उन्हें सुप्रिया सुले और शरद पवार का करीबी माना जाता है। अजित पवार की मौत के बाद उठे सवालों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह।—(प्रकाश कुमार पांडेय)