ट्रंप अमेरिकियों के लिए अच्छे .. लेकिन यूरोपियनों के लिए बुरे हैं… जानें क्यों हैं यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ ट्रंप से नाखुश?

Why are Europe right-wing parties unhappy with Trump

ट्रंप अमेरिकियों के लिए अच्छे .. लेकिन यूरोपियनों के लिए बुरे हैं…
जानें क्यों हैं यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ ट्रंप से नाखुश?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति ने यूरोप में हलचल पैदा कर दी है। इस रणनीति में “Promoting European Greatness” शीर्षक वाला अध्याय यूरोप की कई दक्षिणपंथी पार्टियों के घोषणापत्र जैसा लगता है। इसमें दावा किया गया है कि यूरोप “बड़े पैमाने पर आव्रजन” (Mass Immigration) के कारण “पहचान खो रहा है” और उसकी राजनीतिक नेतृत्व पर आरोप लगाया गया है कि वह “विचारों की आज़ादी दबा रहा है” तथा राजनीतिक विपक्ष को कमज़ोर कर रहा है।

अमेरिका–यूरोप संबंधों पर पड़ रहा है नया तनाव

ट्रंप ने हालिया इंटरव्यू में यह भी कहा कि “यूरोप कमज़ोर हो चुका है और उसके देश पतन की ओर बढ़ रहे हैं।” नई रणनीति में यह भी कहा गया है कि अमेरिका को यूरोप की मौजूदा दिशा का विरोध करने वाली “देशभक्त राजनीतिक पार्टियों” को समर्थन देना चाहिए—विशेष रूप से वे पार्टियाँ जो आव्रजन का विरोध करती हैं। लेकिन इस दस्तावेज़ के जारी होते ही जहाँ यूरोप के मुख्यधारा राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, वहीं यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ—जिन्हें ट्रंप “प्राकृतिक सहयोगी” मान रहे हैं—असामान्य रूप से चुप हैं। इस चुप्पी के पीछे वजह वही है। यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ समझ चुकी हैं कि “अमेरिका फर्स्ट” और “जर्मनी फर्स्ट” या “फ्रांस फर्स्ट” को एक साथ साधना संभव नहीं।

ट्रंप के लिए उत्साह क्यों ठंडा पड़ा?

2016 में जब ट्रंप पहली बार राष्ट्रपति बने थे, तब यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियों के दफ्तरों में जश्न मनाया गया। इसे यह माना गया कि राष्ट्रवादी राजनीति की वैश्विक हवा अब उनके पक्ष में चलेगी। लेकिन नौ साल बाद, ट्रंप की नीतियों का व्यवहारिक असर उनके समर्थकों को उतना अनुकूल नहीं लग रहा। यूरोपीय काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशन (ECFR) के एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई कि ट्रंप की वापसी को यूरोप के दक्षिणपंथी मतदाता भी उतना सकारात्मक नहीं देख रहे।

सर्वे के मुख्य निष्कर्ष

जर्मनी
दक्षिणपंथी AfD के सिर्फ 20% समर्थकों ने कहा कि ट्रंप की जीत उनके देश के लिए अच्छी है, जबकि 47% ने कहा—यह बुरी है।
फ्रांस
मरीन ले पेन की पार्टी ‘नेशनल रैली’ के समर्थकों में केवल 18% ने ट्रंप की वापसी को सकारात्मक बताया, 43% ने नकारात्मक।

ब्रिटेन
रिफॉर्म U.K. पार्टी के समर्थन में मत विभाजित रहे—30% सकारात्मक, 31% नकारात्मक।
ECFR के निदेशक मार्क लेनर्ड के मुताबिक, कारण स्पष्ट है—ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीतियाँ और टैरिफ, जिन्होंने यूरोपीय उद्योगों पर सीधा दबाव डाला है, यूरोप के श्रमिक वर्ग में बेहद अलोकप्रिय हैं। यही वह वोट बैंक है जिसे यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ लगातार साध रही हैं।

यूरोपीय नेताओं की आलोचना

जर्मनी की AfD नेता ऐलिस वाइडेल कह चुकी हैं कि ट्रंप की टैरिफ नीति “अत्यंत हानिकारक” है और इससे जर्मनी को “अनुचित नुकसान” हो रहा है। फ्रांस में मरीन ले पेन के उत्तराधिकारी माने जाने वाले जॉर्डन बार्डेला तो इसे “आर्थिक युद्ध” कह चुके हैं। उनका सीधा बयान है कि ट्रंप अमेरिकियों के लिए अच्छे हो सकते हैं, लेकिन यूरोपियनों के लिए बुरे हैं।

कहाँ उलझ जाती है दक्षिणपंथी राजनीति?

यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ अमेरिकी दक्षिणपंथ से विचारधारा के स्तर पर मेल खाती हैं—आव्रजन-विरोध, राष्ट्रवाद, ‘एंटी-वोक’ राजनीति—इन मुद्दों पर उनमें एकरूपता दिखती है। लेकिन जब बात राष्ट्रीय हितों—व्यापार, सुरक्षा, उद्योग, रक्षा—की आती है, तो छिपी हुई टकराहट सतह पर आ जाती है। लेनर्ड कहते हैं “ये पार्टियाँ मूल रूप से जर्मनी फर्स्ट, फ्रांस फर्स्ट, ब्रिटेन फर्स्ट हैं। अमेरिका फर्स्ट के साथ यह बराबरी संभव नहीं।” यह वही विरोधाभास है जो दक्षिणपंथी दलों को ट्रंप की प्रशंसा करने से रोक रहा है।

नैरेटिव बदल चुका है

पहले जब दक्षिणपंथी पार्टियाँ खुद को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट बताकर वोट मांगती थीं, तब अमेरिका के साथ गठबंधन का सवाल गौण था। लेकिन अब जब वे सत्ता के करीब पहुँच रही हैं—जैसे इटली, नीदरलैंड, फ्रांस (लगभग), जर्मनी (बढ़ता प्रभाव)—तो उनसे पूछा जा रहा है: “क्या आप ट्रंप की हर नीति का समर्थन करेंगी?”और यह सवाल वे टाल नहीं पा रहीं। क्या यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ ट्रंप का विरोध भी कर सकती हैं?

संकेत पहले ही दिखने लगे हैं

फ्रांस में जॉर्डन बार्डेला ने यूरोपीय संघ से कहा कि वह ट्रंप के टैरिफ का जवाबी हमला करे। जर्मनी में AfD की वाइडेल ने कहा—“यूरोप ट्रंप के सामने बहुत झुक रहा है।” जब EU ने अमेरिका से समझौता किया, तो वाइडेल ने इसे “ब्रसेल्स की कमजोरी” कहा। एक ओर वे EU की आलोचना कर रही थीं—यह तो सामान्य है। लेकिन दूसरी ओर—वे ट्रंप की नीति के खिलाफ बयान दे रही थीं।
यही वह नई स्थिति है जो बताती है कि ट्रंप और यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच “प्राकृतिक गठबंधन” उतना सुगम नहीं है, जितना प्रतीत होता है।
ट्रंप की नई सुरक्षा रणनीति और आव्रजन-विरोधी रुख ने यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियों को असहज कर दिया है। विचारधारात्मक मेल के बावजूद व्यापार, रक्षा,राष्ट्रीय हित और आर्थिक नीतियाँ इन मामलों में यूरोप और अमेरिका के हित एक-दूसरे से टकराते हैं। आने वाले समय में यदि यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियाँ सत्ता में आती हैं, तो यह बहुत संभव है कि वे ट्रंप की उम्मीदों के विपरीत व्यवहार करें—और उनके एजेंडे को लागू करना और भी मुश्किल बना दें। यूरोप में राष्ट्रवाद बढ़ रहा है, लेकिन इस राष्ट्रवाद की प्राथमिकताएँ—हर देश के लिए अलग-अलग हैं। और यही वह बिंदु है जहाँ “अमेरिका फर्स्ट” और “यूरोप फर्स्ट” का गठबंधन टूटने लगता है।

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