Afghanistan Cricketers Killed: पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए 3 अफगान क्रिकेटर्स कौन थे? कैसे गई जान

Afghan cricketers killed in the Pakistan air strike

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप

अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस हमले में आठ लोगों की मौत हुई, जिनमें अफगानिस्तान के तीन युवा क्रिकेटर भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि ये खिलाड़ी एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेलने के बाद अपने जिले उरगुन में एक स्थानीय सभा में शामिल हो रहे थे, तभी उन पर यह हमला हुआ।

अफगानिस्तान में छाया मातम और गुस्सा

तीनों खिलाड़ियों की मौत की खबर जैसे ही आई, अफगानिस्तान में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर क्रिकेटरों और आम नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया है। अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राशिद खान, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नईब और फ़ज़लहक फ़ारूक़ी ने ट्विटर (X) पर पोस्ट करते हुए इसे “अमानवीय और शर्मनाक” बताया। राशिद खान ने लिखा — “हम अपने युवा भाइयों को खो चुके हैं, जिन्होंने देश का नाम ऊंचा करने का सपना देखा था।”

कौन थे ये तीनों खिलाड़ी?

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने जिन तीन खिलाड़ियों की मौत की पुष्टि की है, उनके नाम हैं — कबीर (Kabeer), सिबगतुल्लाह (Sibghatullah) और हारुन खान (Haroon Khan)। ये तीनों युवा क्रिकेटर पक्तिका की राजधानी शराना में खेले गए एक फ्रेंडली मैच में हिस्सा लेकर लौट रहे थे। घर पहुंचने से पहले ही उरगुन जिले में हुए हमले की चपेट में आ गए।

कबीर: उरगुन का उभरता सितारा

कबीर पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले का निवासी था। स्थानीय क्रिकेट सर्किट में वह एक जाना-पहचाना नाम बन चुका था। उसे अपने तेज गेंदबाजी और फील्डिंग के लिए सराहा जाता था। साथियों के मुताबिक, कबीर का सपना था कि वह एक दिन अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने। उसकी असमय मौत ने स्थानीय खेल समुदाय को झकझोर दिया है।

सिबगतुल्लाह: शांत स्वभाव, बड़ा सपना

सिबगतुल्लाह के बारे में सार्वजनिक जानकारी कम है, लेकिन ACB के बयान के मुताबिक वह एक युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी था, जो घरेलू क्रिकेट में तेजी से नाम कमा रहा था। टीम के कोच और साथियों का कहना है कि सिबगतुल्लाह मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी था। उसके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर गहरा असर पड़ा है।

हारुन खान: अफगान क्रिकेट का भविष्य

हारुन खान का जन्म 15 मार्च 2006 को हुआ था। वह काबुल से ताल्लुक रखता था और एक दाएं हाथ का बल्लेबाज था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लिस्ट-ए, टी20 और प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया था। हारुन की उम्र महज 19 साल थी, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था। अफगान मीडिया में उन्हें “अगला राशिद या रहमत” कहकर पुकारा जाता था। दुर्भाग्य से, उनका सफर अधूरा रह गया।

अफगान क्रिकेट बोर्ड ने जताया शोक

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा — “हम अपने तीन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की मौत से गहरा शोक व्यक्त करते हैं। इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। ACB ने इस हमले के विरोध में पाकिस्तान में होने वाली त्रिकोणीय T20 सीरीज से नाम वापस लेने का निर्णय किया है। इस सीरीज में पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीमें शामिल होने वाली थीं।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं और वैश्विक समर्थन

राशिद खान ने सोशल मीडिया पर लिखा — “हम क्रिकेटर हैं, सैनिक नहीं। लेकिन हमें भी निशाना बनाया जा रहा है। मोहम्मद नबी ने कहा कि यह हमला सिर्फ अफगानिस्तान पर नहीं, बल्कि खेल भावना पर हमला है। भारतीय और बांग्लादेशी क्रिकेट समुदायों से भी शोक संदेश आए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र से जांच की मांग की है।

खेल के मैदान से उठी सियासी लहर

पाकिस्तान की इस कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोग सड़कों पर उतरकर “Stop Killing Innocents” और “Justice for Afghan Players” जैसे बैनर लेकर विरोध कर रहे हैं। अफगान सरकार ने इस हमले को “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है।

तनावपूर्ण रिश्तों पर पड़ा असर

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण थे। डूरंड रेखा (Durand Line) पर लगातार झड़पें और सीमा विवाद चल रहे हैं। अब इस एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और खेल संबंधों पर भी असर डाल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे क्रिकेट डिप्लोमेसी पूरी तरह ठप पड़ सकती है।

खेल जगत में गहरा शोक

तीनों खिलाड़ियों की मौत ने पूरे अफगान क्रिकेट परिवार को हिला दिया है। जहां राशिद खान ने कहा कि “हम अपने भविष्य को खो बैठे हैं,” वहीं ACB के पूर्व अध्यक्ष शफीक स्टानिकजई ने लिखा — “ये सिर्फ तीन खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि अफगानिस्तान क्रिकेट की तीन नई उम्मीदें थीं। दुनियाभर में क्रिकेट प्रेमियों ने श्रद्धांजलि दी और खेल के माध्यम से शांति की अपील की। पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक ने सिर्फ तीन जानें नहीं लीं — उसने अफगानिस्तान के क्रिकेट सपनों को भी घायल कर दिया। इन युवा खिलाड़ियों की यादें अब हमेशा इस बात की गवाही देंगी कि खेल की जीत से बड़ी कोई मानवता नहीं होती। प्रकाश कुमार पांडेय

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