Who is IPS Akhil Kumar: तेज़तर्रार पुलिस अधिकारी से डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के सीईओ तक का सफर
कानपुर में चलाया ‘ऑपरेशन महाकाल’, निर्भय गुर्जर को किया था ढेर
नई दिल्ली। देश में जब भी सख्त और कड़े फैसले लेने वाले आईपीएस अफसरों की बात होती है, तो उनमें यूपी कैडर के अखिल कुमार का नाम जरूर आता है। अब तक कानपुर नगर के पुलिस कमिश्नर के तौर पर सेवाएं दे रहे अखिल कुमार को केंद्र सरकार ने नई और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया गया है। यह संगठन मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी MeitY के अधीन काम करता है और देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की कमान संभालता है।
कानपुर कमिश्नर से सीधा दिल्ली तक
अखिल कुमार को 4 जनवरी 2024 को कानपुर नगर का पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। तैनाती के तुरंत बाद उन्होंने शहर में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान शुरू किया। इस अभियान को उन्होंने नाम दिया—‘ऑपरेशन महाकाल’। इस ऑपरेशन के तहत अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चला, गैंगस्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ एफआईआर दर्ज हुई और माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
अब एक साल से कुछ अधिक समय बाद उनकी नियुक्ति केंद्र में हो गई है। इससे पहले भी उन्हें केंद्र में काम करने का मौका मिल चुका है। साल 2010 में मेरठ के डीआईजी रहते हुए उन्हें दिल्ली बुलाया गया था, जहां उन्होंने विदेश मंत्रालय और जल संसाधन मंत्रालय में सेवाएं दी थीं।
1994 बैच के आईपीएस
अखिल कुमार 1994 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। अब तक वे एडीजी (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) रैंक तक पहुंच चुके हैं। अपनी लंबी सेवा अवधि में उन्होंने कानून-व्यवस्था संभालने, अपराध नियंत्रण और माफिया-नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अखिल कुमार की पढ़ाई-लिखाई बेहद मजबूत रही है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने मास्टर इन इंटरनल अफेयर्स, मास्टर ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स और एमफिल इन डिफेंस एंड स्ट्रेटेजी जैसी उच्च डिग्रियां हासिल कीं। उनकी यह अकादमिक पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ पुलिसिंग बल्कि पॉलिसी-लेवल और स्ट्रेटेजिक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार करती है। वे मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1972 को हुआ। उनके पिता का नाम जितेंद्र प्रसाद है।
यूपी के कई जिलों में की सेवाएं
अखिल कुमार ने यूपी में अपनी सेवाओं के दौरान कई अहम जिलों की कमान संभाली। वे गाजियाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, इटावा और अमरोहा जैसे जिलों में एसपी रहे। हर जिले में उनकी छवि एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय पुलिस अधिकारी की रही। उनकी तैनाती के दौरान अपराध पर नियंत्रण और प्रशासनिक अनुशासन की मिसाल पेश हुई।
निर्भय गुर्जर का एनकाउंटर
अखिल कुमार को सबसे ज्यादा पहचान 2005 में कुख्यात डाकू निर्भय गुर्जर के एनकाउंटर से मिली। चंबल के जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में उन्होंने उस डाकू को ढेर किया, जिस पर 200 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। निर्भय गुर्जर का गैंग अपहरण और फिरौती में सक्रिय था और उसका आतंक कई राज्यों तक फैला हुआ था। इस एनकाउंटर के बाद अखिल कुमार की छवि एक साहसी और निडर पुलिस अफसर के रूप में और मजबूत हुई।
ऑपरेशन महाकाल’ की गूंज
कानपुर पुलिस कमिश्नर रहते हुए अखिल कुमार ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ‘ऑपरेशन महाकाल’ की शुरुआत की। इस ऑपरेशन के दौरान कई माफिया सरगनाओं की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गईं। कानपुर जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आसान नहीं था, लेकिन अखिल कुमार ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और कड़े फैसलों से हालात बदले जा सकते हैं।
पुलिसिंग से अब टेक्नोलॉजी की ओर
अखिल कुमार का यह प्रमोशन खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे अब पुलिसिंग से हटकर टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्रोजेक्ट्स की कमान संभालेंगे। डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन देश के डिजिटल ढांचे को मजबूत बनाने, नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं को डिजिटली कनेक्ट करने का बड़ा मिशन चला रहा है। उनकी नियुक्ति इस संस्था के लिए भी अहम है क्योंकि उनके पास सख्त प्रशासनिक अनुभव, रणनीतिक सोच और तकनीकी समझ तीनों का अनूठा मेल है।
क्यों है यह जिम्मेदारी अहम?
डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन देश में ई-गवर्नेंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑनलाइन पब्लिक सर्विसेज जैसे क्षेत्रों पर काम करता है। यह न केवल सरकारी कामकाज को आसान बनाता है बल्कि आम नागरिकों को डिजिटल सुविधाएं देने का भी बड़ा माध्यम है। ऐसे में, अखिल कुमार की नियुक्ति को सरकार की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों को टेक्नोलॉजी मिशन की कमान सौंपी जा रही है। आईपीएस अखिल कुमार की यात्रा एक सख्त पुलिस अधिकारी से लेकर डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट्स के शीर्ष प्रशासक बनने तक की कहानी है। निर्भय गुर्जर का एनकाउंटर, कानपुर में ‘ऑपरेशन महाकाल’ और यूपी के कई जिलों में उनकी तैनाती उनके करियर की बड़ी उपलब्धियां रही हैं।
अब केंद्र सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया है। आने वाले समय में देखना होगा कि उनकी रणनीतिक सोच और प्रशासनिक अनुभव देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं। (प्रकाश कुमार पांडेय)





