“चुनाव लड़ूं या नहीं… राघोपुर में बदलाव तय!” – प्रशांत किशोर के बयान से गरमाई बिहार की सियासत
राजद के गढ़ में जन सुराज की एंट्री
बिहार की राजनीति में नई हलचल मचाने वाले प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को राजद के पारंपरिक गढ़ राघोपुर में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन सुराज की पदयात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला और कहा कि राघोपुर में अब “परिवर्तन की शुरुआत” हो चुकी है।
“अटल पथ पर नाचने वाले नेता” पर हमला
अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव पर तीखा वार करते हुए कहा, “जब राघोपुर के लोग बाढ़ में डूबे थे, तब आपके नेता अटल पथ पर नाच रहे थे। अब आपकी बारी है डांस करने की — बदलाव के डांस की।” पीके के इस बयान पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। उन्होंने कहा कि अब जनता किसी भी नेता को बिना काम किए वोट नहीं देगी।
“चुनाव लड़ूं या न लड़ूं, बदलाव आएगा”
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह जनता तय करेगी, लेकिन बदलाव की शुरुआत अब हो चुकी है। उन्होंने कहा, “कल से राघोपुर की सियासत बदल जाएगी। जिन नेताओं को पहले जनता की सुध नहीं थी, वे अब खुद आपके दरवाजे पर आएंगे।” इस बयान को राजनीतिक हलकों में बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
जनता को मिला ‘विकल्प’
जुड़ावनपुर में सभा को संबोधित करते हुए पीके ने कहा कि जनता के पास अब विकल्प है। उन्होंने कहा कि अब किसी को बाढ़, बेरोजगारी और बदहाली के नाम पर वोट नहीं देना चाहिए। “आपको नया रास्ता मिला है – जन सुराज का रास्ता। अगर आप ईमानदारी से खड़े होंगे, तो यह बिहार भी बदल जाएगा और आपकी जिंदगी भी।”
तेजस्वी पर सीधा वार – “राहुल जैसा हाल होगा”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा, “निर्णय जनता करेगी, दो दिन में साफ हो जाएगा।” साथ ही उन्होंने तंज कसा – “तेजस्वी यादव को हार का डर सता रहा है, इसलिए दूसरी सीट की तलाश में हैं। उनका हाल भी राहुल गांधी जैसा होगा, जिन्होंने अमेठी गंवाई थी।”
“जाति-धर्म नहीं, रोजगार पर वोट दें”
प्रशांत किशोर ने लोगों से अपील की कि वे इस बार जाति, धर्म या मुफ्त की योजनाओं के बजाय बच्चों के भविष्य पर वोट करें। उन्होंने कहा, “राशन और सिलिंडर से आगे बढ़िए। अपने बेटे-बेटियों की पढ़ाई, नौकरी और विकास के लिए वोट दीजिए। बिहार तभी बदलेगा, जब वोट सोच-समझकर दिया जाएगा।”
मंदिर में दर्शन और लड्डू से तौल
अपने प्रचार के बीच प्रशांत किशोर ने राघोपुर प्रखंड के माता महारानी मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में दर्शन के बाद जन सुराज कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। पीके को लड्डू से तोला गया, जबकि ढोल-नगाड़े और फूलों की बारिश से माहौल उत्सव जैसा हो गया।
पदयात्रा बनी शक्ति प्रदर्शन का मंच
स्तमपुर चौक से लेकर जुड़ावनपुर हाई स्कूल तक चली उनकी पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भीड़ देखकर यह साफ हो गया कि जन सुराज अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राजनीतिक आंदोलन बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना था कि पहली बार किसी नेता ने इतनी नजदीकी से उनकी बातें सुनी हैं।
तेजस्वी खेमे में बढ़ी बेचैनी
प्रशांत किशोर की राघोपुर में एंट्री से राजद खेमे में हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं ने इसे “जनता को गुमराह करने की कोशिश” बताया। हालांकि, राघोपुर के कई युवाओं ने कहा कि पीके ने जो बातें कहीं, वे सच्चाई के करीब हैं। लोगों का कहना है कि अब वे जाति से ज्यादा काम पर वोट देना चाहते हैं।
बदलाव की राजनीति पर सबकी निगाहें
प्रशांत किशोर ने साफ किया कि जन सुराज केवल चुनावी पार्टी नहीं, बल्कि समाज को सुधारने का आंदोलन है। उन्होंने कहा, “अगर जनता साथ आएगी, तो बिहार बदलेगा। नहीं तो ये राजनीति ऐसे ही चलती रहेगी।” अब सबकी निगाहें अगले दो दिनों पर हैं — क्या प्रशांत किशोर राघोपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान करेंगे या जनता को नेतृत्व सौंपेंगे? एक बात तय है — राघोपुर की सियासत अब पहले जैसी नहीं रहेगी। प्रशांत किशोर का राघोपुर दौरा बिहार की राजनीति में नई कहानी लिख रहा है। तेजस्वी यादव के गढ़ में जाकर उन्होंने न केवल चुनौती दी, बल्कि “जनता बनाम जाति की राजनीति” का नया नैरेटिव खड़ा किया है। अब देखना यह है कि क्या यह जन सुराज की लहर वास्तव में वोटों में बदल पाएगी या फिर यह केवल एक राजनीतिक प्रयोग साबित होगा।




