बाहर ही रहने दें गर्म कपड़े… MP में फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड…पहाड़ों पर जब पिघलेगी बर्फ..कांपेगा मध्य प्रदेश

When the snow melts on the mountains Madhya Pradesh will shiver

एमपी में फिर पलटेगा मौसम, लौटेगी कड़ाके की ठंड…

.पहाड़ों पर जब पिघलेगी बर्फ..कांपेगा मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। बीते कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अगले 48 घंटों तक हल्की राहत मिलने वाली है। दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे दोपहर में ठंड का असर कम महसूस होगा। लेकिन यह राहत अस्थायी है। मौसम विभाग की चेतावनी है कि 13 फरवरी से जैसे ही उत्तर भारत के पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरू होगी, मध्यप्रदेश में एक बार फिर सर्द हवाओं का प्रकोप बढ़ जाएगा और ठिठुरन लौट आएगी।

  1. दो दिन राहत फिर ठिठुरन

  2. पहाड़ों की बर्फ बदलेगी मौसम

  3. साइक्लोनिक सिस्टम से उलटफेर

  4. ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी सिस्टम की वजह से प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिन में तेज धूप खिलने से लोगों को ऐसा लग रहा है कि सर्दी विदा लेने लगी है, लेकिन असल तस्वीर इससे अलग है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सर्कुलेशन 11 और 12 फरवरी तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद हालात तेजी से बदलेंगे।

मौसम वैज्ञानिक एच.एस. पांडे के मुताबिक, 13 फरवरी से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद जब बर्फ पिघलना शुरू होगी, तो वहां से निकलने वाली ठंडी हवाएं सीधे मध्यप्रदेश की ओर रुख करेंगी। इसका असर खासतौर पर ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड अंचल में देखने को मिलेगा। इन इलाकों में तापमान में अचानक गिरावट आ सकती है और रातें फिर से कंपकंपा देने वाली होंगी। 13 से 15 फरवरी के बीच पारे में तेज गिरावट की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में फरवरी के महीने में मौसम का यह उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। बीती रात भी कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के 13 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। कटनी जिले का करौंदी क्षेत्र 5.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा इलाका रिकॉर्ड किया गया। वहीं शहडोल (कल्याणपुर) और खजुराहो में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो यह बताता है कि ठंड अभी पूरी तरह जाने वाली नहीं है।

पचमढ़ी में रात का तापमान 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री और दतिया में 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रीवा, राजगढ़, उमरिया, शिवपुरी, मंडला और मलाजखंड जैसे इलाकों में भी ठंड का असर साफ दिखा। नौगांव में पारा 9.8 डिग्री तक पहुंच गया। छोटे शहरों और आदिवासी अंचलों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां सुबह-शाम गलन लोगों को परेशान कर रही है।

प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो बड़े शहरों में सबसे कम रहा। ग्वालियर में पारा 10.6, इंदौर में 11.2, जबलपुर में 11.4 और उज्जैन में 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दिन के समय भोपाल और इंदौर में तेज धूप के कारण तापमान 25 से 30 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के करीब होने के कारण ग्वालियर और चंबल संभाग में ठंड का असर सबसे पहले और सबसे ज्यादा दिखाई देगा। 13 फरवरी के बाद इन इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने और शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में इसका असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश या ओलावृष्टि के कोई आसार नहीं हैं, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका नहीं है।

राजधानी भोपाल में मौसम फिलहाल साफ बना हुआ है। दिन में तेज धूप खिलने से लोग सर्द कपड़े हल्के करने लगे हैं, लेकिन मौसम विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्म कपड़े अभी पेटी में रखने की गलती न करें। रात और सुबह की ठंड अचानक बढ़ सकती है। इंदौर में भी मौसम शुष्क बना हुआ है। फरवरी के महीने में यहां बारिश का कोई खास ट्रेंड नहीं रहा है, लेकिन ठंडी हवाएं रात के समय ठिठुरन जरूर बढ़ा रही हैं। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मौसम का यह खेल अभी जारी रहने वाला है। अ गले दो दिन थोड़ी राहत जरूर देंगे, लेकिन 13 फरवरी के बाद पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं प्रदेश को फिर से कंपकंपाने पर मजबूर कर देंगी। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और खासकर बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।

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