चिल्ला-ए-कलां क्या है? जानिए सर्दी के सबसे कठोर दौर का मतलब

What is Chillai Kalan Learn the meaning of the hardest part of winter

चिल्ला-ए-कलां क्या है? जानिए सर्दी के सबसे कठोर दौर का मतलब

कश्मीर घाटी में सर्दियों का सबसे भीषण और कठोर दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ कहलाता है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल 20-21 दिसंबर से चिल्ला-ए-कलां की शुरुआत होने जा रही है, जिसके साथ ही घाटी में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है। इस दौरान छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी से मौसम और अधिक खराब हो सकता है।

चिल्ला-ए-कलां हर साल 21 दिसंबर से शुरू होकर करीब 40 दिनों तक चलता है। इस अवधि में कश्मीर घाटी में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाती है और बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है। स्थानीय भाषा में ‘चिल्ला’ का अर्थ होता है कड़ाके की ठंड, जबकि ‘कलां’ का मतलब बड़ा या लंबा दौर। यानी यह सर्दियों का सबसे लंबा और कठिन चरण माना जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार, चिल्ला-ए-कलां के दौरान दिन और रात दोनों समय भीषण ठंड पड़ती है। कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, जिससे नदियां, झीलें और पानी की पाइपलाइन तक जम जाती हैं। डल झील और अन्य जलाशयों में बर्फ की परत जमना आम बात हो जाती है। IMD ने बताया कि आने वाले दिनों में घाटी के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की भी संभावना है, जिससे ठंड और अधिक बढ़ेगी और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट

दूसरी ओर, दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक, चेन्नई में आसमान में बादल छाए रहेंगे और शहर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

विशेष रूप से अलंदूर, एयरपोर्ट जोन, मीनांबक्कम और पेरम्बलूर में तेज बारिश का अनुमान है। बारिश के बाद कलवरयान पहाड़ियों में घना कोहरा छा गया है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में सुबह और रात के समय वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि पेरम्बलूर, पेराली, सिधेली, चेंगनम, सिरुवाचूर, अरियालुर, कुमूमूर, शिवगंगा, थूथुकुडी, तिरुचेंदूर, अलंथलाई, कल्लामोझी, थलाइवाइपुरम, परमंकुरिची और कायमोझी जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं, पुडुचेरी में भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

IMD ने लोगों को आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर तमिलनाडु और पुडुचेरी के संवेदनशील इलाकों में अगले कुछ घंटों तक मौसम खराब बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, जहां उत्तर भारत और कश्मीर घाटी में चिल्ला-ए-कलां के साथ कड़ाके की ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों में लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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