Tuesday, March 10, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

क्या है आर्टिकल 356 जिसका जिक्र पीएम ने राज्यसभा की अपनी स्पीच में भी किया, जानिए इसका पूरा सच

DigitalDesk by DigitalDesk
February 10, 2023
in मुख्य समाचार, स्पेशल
0
क्या है आर्टिकल 356 जिसका जिक्र पीएम ने राज्यसभा की अपनी स्पीच में भी किया, जानिए इसका पूरा सच
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 फरवरी यानी गुरुवार को जब राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा पर जवाब दे रहे थे तो वह कांग्रेस पर पूरी तरह हमलावर थे। उन्होंने अपने भाषण में अनुच्छेद 356 का भी जिक्र किया। पहले देखते हैं, उन्होंने कहा क्या? उन्होंने कहा, ‘जरा इतिहास उठा करके देख लीजिए, वो कौन पार्टी थी, वो कौन सत्ता में बैठे थे, जिन्‍होंने अनुच्छेद 356 का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया? 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. कौन हैं वो, कौन हैं जिन्होंने किया, कौन हैं जिन्होंने किया, कौन हैं जिन्होंने किया? केरल में आज जो लोग इनके साथ खड़े हैं जरा याद कर लीजिए। केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे कुछ ही समय के भीतर चुनी हुई पहली सरकार को गिरा दिया।’

आर्टिकल 356 का इस्तेमाल

अब जरा देखते हैं कि जिस अनुच्छेद का जिक्र पीएम ने अपने भाषण में किया है, वह अब तक कितनी बार और किन राज्यों में लग चुका है? इस अनुच्छेद के जरिए किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है और अब तक केवल छत्तीसगढ़ और तेलंगाना ही इससे बचे हुए हैैं। गृह मंत्रालय के एक जवाब के मुताबिक राष्ट्रपति शासन अब तक सबसे अधिक बार उत्तर प्रदेश में 10 बार लगाया गया है, जबकि सबसे अधिक समय यानी 3000 दिनों से भी अधिक तक पंजाब में लगा है।

Related posts

Mojtaba as new supreme leader: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बीच युद्ध तेज, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर; तेल 100 डॉलर पार

Mojtaba as new supreme leader: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बीच युद्ध तेज, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर; तेल 100 डॉलर पार

March 9, 2026
T20 World Cup: संजू सैमसन की सफलता के पीछे सचिन का मार्गदर्शन, T20 वर्ल्ड कप 2026 में बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

T20 World Cup: संजू सैमसन की सफलता के पीछे सचिन का मार्गदर्शन, T20 वर्ल्ड कप 2026 में बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

March 9, 2026

कांग्रेस पार्टी जब शासन में रही, तो सबसे अधिक 84 बार राष्ट्रपति शासन लगा। यह कुल समय का 73 फीसदी है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 356

संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत, राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता के मामले में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। इसमें शर्त यह है कि राष्ट्रपति अगर, राज्य के राज्यपाल से एक रिपोर्ट प्राप्त करने पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर ऐसी हालत में, जब वह मानते हैं कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें सरकार राज्य के संविधान के प्रावधानों के अनुसार काम नहीं कर सकती है।

  • 1951 में पंजाब में पहली बार अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल किया गया था
  • इसके बाद, इस अनुच्छेद का बहुत बार गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता था
  • सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में एसआर बोम्मई बनाम भारत संघ मामले पर अपने फैसले में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश स्थापित किए
  • राष्ट्रपति अमूमन केंद्रीय कैबिनेट की राय पर काम करते हैं
  • यदि दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाता है, तो राष्ट्रपति शासन छह महीने तक लगा सकते हैं
  • हर छह महीने में संसद की मंजूरी से अधिकतम तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है
  • भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमिटि के चेयरमैन भीमराव अंबेडकर ने अनुच्छेद 356 को ‘संविधान का मृत पत्र’ कहा था और उन्होंने संविधान सभा की बहस में यह भी कहा कि अनुच्छेद 356 का ‘राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग’ किया जा सकता है

कब लग सकता है अनुच्छेद 356

 अनुच्छेद 356 भारतीय संविधान में निहित ऐसी शक्ति है, जिसका इस्तेमाल बिल्कुल अंतिम स्थिति में ही करने की सलाह दी गयी है। किसी भी राज्य में इसका इस्तेमाल तब होता है, जब विधायिका उस राज्य के राज्यपाल द्वारा निर्धारित समय के लिए मुख्यमंत्री के रूप में एक नेता का चुनाव करने में असमर्थ है। इसका तब भी प्रयोग होता है जब किसी गठबंधन के टूटने से मुख्यमंत्री को सदन में अल्पसंख्यक समर्थन ही रहता है और मुख्यमंत्री उस राज्य के राज्यपाल द्वारा निर्धारित समय के भीतर बहुमत साबित करने में विफल रहते हैं या ऐसी संभावना है।

युद्ध, महामारी, या प्राकृतिक आपदाओं जैसे अपरिहार्य कारणों से चुनाव स्थगित हो जाए, तो भी अनुचछेद 356 का प्रयोग होता है. या फिर, राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट प्रतिकूल हो, राज्य की संवैधानिक मशीनरी या विधायिका संवैधानिक मानदंडों का पालन करने में विफल रहे तो भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।

(संविधान विशेषज्ञ रूपेश पाठक से बातचीत पर आधारित) 

Post Views: 135
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

मनोरंजन
T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

मनोरंजन
West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version