जानें अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की चेतावनी
देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 31 जनवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों पर दिखाई देगा। इस सिस्टम के प्रभाव से जहां पहाड़ों में भारी बर्फबारी और तेज बारिश की संभावना है, वहीं मैदानी इलाकों में भी झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करेगा। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है और पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने की आशंका है।
31 जनवरी की रात से होगा असर
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी की रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव 3 फरवरी तक बना रह सकता है। 1 फरवरी से बारिश की तीव्रता बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ बर्फबारी होगी, जबकि इसका असर धीरे-धीरे मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इसके चलते उत्तर भारत में ठंड एक बार फिर तेज हो सकती है।
यूपी के कई जिलों में बारिश की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार कानपुर मंडल सहित यूपी के कई जिलों में एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है, हालांकि इसकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है। बारिश के कारण किसानों को जहां कुछ फसलों में नुकसान की आशंका है, वहीं रबी की फसलों के लिए यह बारिश कुछ हद तक लाभकारी भी मानी जा रही है।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। अगले दो दिनों में रातें और अधिक सर्द हो सकती हैं। ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगी। लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
1 फरवरी से बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 1 फरवरी से मौसम में स्पष्ट बदलाव देखने को मिलेगा। कानपुर मंडल और आसपास के जिलों में 1 फरवरी से 2 फरवरी तक करीब 24 प्रतिशत तक बारिश होने का अनुमान है, जबकि 3 फरवरी को झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है। यह स्थिति कानपुर मंडल के औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, कानपुर नगर और कानपुर देहात जिलों में बनी रह सकती है।
तापमान का अनुमान
बारिश और बादलों की वजह से अधिकतम तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं के चलते तापमान इससे नीचे भी जा सकता है।
घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित
कानपुर मंडल में बीती रात हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही घने कोहरे का भी असर देखने को मिला। कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली से कानपुर की ओर आने वाली कई ट्रेनें 2 से 3 घंटे की देरी से चलती नजर आईं।
दिन में चलेंगी तेज हवाएं
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडे ने बताया कि आने वाले दिनों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर और पश्चिम दिशा से आने वाली हवाओं का असर मौसम पर साफ दिखाई देगा। इससे ठंड का एहसास और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल अगले दो दिनों तक कानपुर मंडल में भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन मौसम में ठंडक बनी रहेगी।
सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को बर्फबारी और भूस्खलन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और बारिश के कारण वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। कुल मिलाकर, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश और तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ेगा। ऐसे में आम लोगों के साथ-साथ किसान, यात्री और प्रशासन सभी को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।





