वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण एमपी में बदला मौसम, कहीं कोहरा तो कहीं ओले
ग्वालियर समेत 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, तीन दिन मावठा गिरने के आसार
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम हवाओं के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और घने कोहरे की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के 25 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों तक मावठा गिरने और सर्द हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मध्यप्रदेश के मौसम पर देखने को मिल रहा है। रविवार को मंदसौर और नीमच जिलों में हुई ओलावृष्टि ने मौसम के बदले मिजाज के संकेत पहले ही दे दिए थे। इसके बाद सोमवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और दतिया समेत कई शहरों की शुरुआत घने कोहरे और ठंडी हवाओं के साथ हुई।
पहाड़ों पर बर्फबारी से बदला प्रदेश का मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ—एक 2 फरवरी और दूसरा 5 फरवरी को—मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसके साथ ही ऊर्ध्वमंडल में लगभग 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड के बीच बारिश और कोहरा देखने को मिल रहा है।
नीमच–मंदसौर में ओलावृष्टि, किसानों की चिंता बढ़ी
रविवार शाम को नीमच और मंदसौर जिलों में अचानक मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज आंधी के साथ हुई भारी ओलावृष्टि से खेतों और सड़कों पर बर्फ की सफेद परत जम गई। कई गांवों में कुछ देर के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बेमौसम बारिश और ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कई इलाकों में गेहूं की फसल तैयार अवस्था में है और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है।
ग्वालियर, धार और उज्जैन में भी रात के समय रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा, जिससे ठंड में और इजाफा हो गया।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को ग्वालियर-चंबल संभाग, रीवा और सागर संभाग के कुल 25 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी चल सकती है। कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी छाए रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।
आगामी तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
3 फरवरी:
ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ बुंदेलखंड और बघेलखंड क्षेत्र—सतना, रीवा और सीधी—में बारिश के आसार बने रहेंगे। कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है।
4 फरवरी:
उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों—गुना, शिवपुरी और ग्वालियर—में छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।
5 फरवरी:
इस दिन से बारिश धीरे-धीरे थमने लगेगी, लेकिन बादल हटते ही सर्द हवाएं तेज हो जाएंगी। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इस दिन आंधी-बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड बढ़ेगी।
कोहरे ने थामी रफ्तार, यातायात प्रभावित
प्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे के कारण यातायात पर भी असर पड़ा है। ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और दतिया में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक सिमट गई। खजुराहो और दतिया में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। भोपाल में सुबह 9 बजे तक वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। कोहरे के कारण कुछ ट्रेनों की गति भी धीमी रही।
हालांकि बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन महसूस की गई।
10 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि पहाड़ों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मध्यप्रदेश में 10 फरवरी तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। अगले तीन दिन मावठा गिरने और सर्द हवाओं के चलने की संभावना है।
फिर लौटेगी कड़ाके की सर्दी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय बारिश और बर्फबारी का सिस्टम आगे बढ़ेगा, मध्यप्रदेश में ठंड का दूसरा दौर शुरू हो जाएगा। इसके बाद दिन और रात, दोनों के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी और कड़ाके की सर्दी लौटेगी।
कुल मिलाकर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज अभी कुछ दिन और परेशान कर सकता है। बारिश, कोहरा और ठंडी हवाओं के बीच लोगों को सतर्क रहने और किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।





