पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप की त्रासदी, अब तक 2053 लोगों की मौत,9,240 लोग घायल

Western Afghanistan earthquake kills 2053

पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में ईरानी सीमा के पास आए शक्तिशाली भूकंप से करीब 2053 लोगों लोगों के मारे जाने और 9,240 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पश्चिमी अफगानिस्तान में सिलसिलेवार भूकंप से मरने वालों की संख्या रविवार को तेजी से बढ़कर 1 हजार से अधिक हो गई। बचावकर्मी गांवों के खंडहरों के बीच जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ के अनुसार हेरात प्रांत के कम से कम 12 गांवों में 600 से अधिक घर या तो पूरी तरह से नष्ट हो गए या आंशिक क्षति हुई है। जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। डब्ल्यूएचओ ने हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि खोज और बचाव अभियान जारी है। बता दें रात शहर में पहला भूकंप महसूस होने पर लोग अपने घरों से भाग गए। इतना ही नहीं स्कूल, अस्पताल और कार्यालय खाली कर दिए गए। पश्चिमी अफगानिस्तान में सिलसिलेवार अब तक करीब 6 बड़े भूकंप आ चुके हैं। जिससे हाहाकार मच गया। तालिबान के एक प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिमी अफगानिस्तान में आए अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2053 हो गई है। यह दो दशकों में देश में आए सबसे घातक भूकंपों में से एक है। देश के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने कहा कि शनिवार 7 अक्टूबर को पश्चिमी अफगानिस्तान में आए भूकंप और उसके बाद तेज झटकों ने लोगों की जान ले ली। भूकंप की तीव्रता रेक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक जिंदा जान और घोरियान जिलों के बारह गांव भूकंप से पूरी तरह से नष्ट हो गए। वहीं इससे पहले आपदा प्रबंधन मंत्रालय प्रवक्ता जनान सैक ने बताया कि इस भूकंप में हेरात के जिंदा जान जिले के 3 गांवों पूरी तरह से बर्बाद हो गए। इस तरह अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप ने तबाही मचा दी है। अफगानिस्तान में ईरानी सीमा के पास आए इस शक्तिशाली भूकंप से कई लोग घायल भी हुए हैं। इस भूकंप ने हेरात शहर से करीब 40 किमी दूर कई गांवों में तबाही बचा दी। उन्हें बर्बाद कर दिया। भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग मलबे के ढेर में फंस गए। लोगों ने यहां कम से कम तीन बार भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए। जो लोग जिंदा बच गए उन्होंने आंखों से जो खौफनाक मंजर देखा उसका वर्णन किया।

इमारतें पहले हिलती नजर आईं और बाद में ढह गईं

जीवित बचे लोगों ने अपनी आप बीती सुनाई किस तरह उनके आसपास इमारतें हिल रहीं थी और ढह गईं। कुछ लोगों ने दीवार गिरने और दीवारों में दरारें पड़ने के अपने अनुभव साझा किये। उनका कहना था कि वे लोग अपने दफ्तरों में थे और अचानक इमारत हिलने लगी। दीवार का प्लास्टर गिरने लगा और दीवारों में दरारें आ गईं। कुछ दीवारें और इमारत के कुछ हिस्से ढह गए। हेरात निवासी बशीर अहमद ने मीडिया को बताया। वह अपने परिवार से बिछड़ गया है। नेटवर्क कनेक्शन काट दिया गया है। बशीर अहमद ने बताया शुरुआती झटके में हर एक घर ढह गया। उन्होंने आगे कहा, “जो लोग घरों के अंदर थे वे फंस गए।” “ऐसे परिवार हैं जिनसे हमें कोई अपडेट नहीं मिला है। इस तरह नेक मोहम्मद ने कहा कि जब शुरुआती भूकंप आया तो वह अपने कार्यस्थल पर थे। घर लौटने पर उन्हें भयावह मंजूर का सामना करना पड़ा। वहां कुछ भी नहीं बचा था। सब कुछ रेत में तब्दील हो गया था।

घायलों से भर गए अस्पताल

अस्पतालों को आपातकालीन उपचार की अचानक और अत्यधिक मांग का सामना करना पड़ा। क्योंकि वे घायल लोगों से भर गए थे। वीडियो फुटेज में लोगों को हेरात सेंट्रल अस्पताल की मुख्य इमारत के बाहर इलाज कराते हुए दिखाया गया है। हेरात के इंजिल जिले में तबाही का मंजर देखा गया, नष्ट हुई इमारतों के मलबे से सड़कें अवरुद्ध हो गईं और बचाव कार्य अधिक चुनौतीपूर्ण हो गए।

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