विधानसभा चुनाव के मुहाने पर पश्चिम बंगाल….नादिया में पीएम मोदी की रैली…जानिए इसके राजनीतिक मायने

West Bengal assembly elections PM Mod rally in Nadia

विधानसभा चुनाव के मुहाने पर पश्चिम बंगाल….

नादिया में पीएम मोदी की रैली…

जानिए इसके राजनीतिक मायने

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के दौरे पर हैं। जहां वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। यह रैली कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास बात यह है कि छह साल पहले इसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का वादा किया था, जिसे उनकी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर पूरा किया। अब एक बार फिर उसी क्षेत्र में उनकी मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी नादिया के तहेरपुर स्थित नेताजी पार्क मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। यह वही इलाका है, जहां 2019 में उन्होंने CAA के जरिए शरणार्थियों को स्थायी नागरिकता देने का आश्वासन दिया था। नादिया जिला बड़ी संख्या में बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों का घर है, जिनमें से कई लोगों को CAA के तहत भारतीय नागरिकता मिली है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह रैली सीधे तौर पर इस समुदाय से संवाद के रूप में देखी जा रही है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने की चर्चा जोरों पर है। राजनीतिक गलियारों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने को लेकर बहस तेज है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का नादिया दौरा नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दों को और केंद्र में ला देता है।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान एक प्रशासनिक बैठक भी करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। उनकी रैली मटुआ-बहुल रानाघाट लोकसभा क्षेत्र में हो रही है, जहां मटुआ समुदाय की राजनीतिक भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी लगभग सुबह 10:30 बजे कोलकाता पहुंचेंगे और इसके बाद हेलीकॉप्टर से तहेरपुर रवाना होंगे। वे करीब 11:15 बजे नेताजी पार्क मैदान पहुंचेंगे, जहां पहले एक प्रशासनिक बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक उनकी जनसभा प्रस्तावित है। राजनीतिक विश्लेषक इस भाषण को लेकर खासे उत्सुक हैं, क्योंकि यह SIR प्रक्रिया के बाद बंगाल में प्रधानमंत्री की पहली सार्वजनिक सभा है।

प्रधानमंत्री इस अवसर पर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। कृष्णानगर से बराजगुली तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 के लगभग 68 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में बदला गया है, जिसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। इसके साथ ही बारासात से बराजगुली तक करीब 18 किलोमीटर सड़क को चार लेन में बदलने की परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी। इन परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

यह रैली ऐसे समय पर हो रही है, जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। नादिया और आसपास के क्षेत्रों में मटुआ समुदाय और बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। मटुआ समुदाय पश्चिम बंगाल का दूसरा सबसे बड़ा अनुसूचित जाति समूह है और इसका प्रभाव राज्य की करीब 50 विधानसभा सीटों पर माना जाता है। ऐसे में इस समुदाय का समर्थन किसी भी दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मटुआ समुदाय मुख्य रूप से बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों का समूह है, जो देश के विभाजन और 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के बाद पश्चिम बंगाल के नादिया, उत्तर 24 परगना और उत्तर बंगाल के इलाकों में बस गए थे। लंबे समय तक उनकी नागरिकता को लेकर सवाल उठते रहे, लेकिन CAA लागू होने के बाद उन्हें भारतीय नागरिकता का रास्ता मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले जो वादा किया था, उसे पूरा करने का श्रेय भाजपा लगातार अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है।

इस क्षेत्र के पास ही फुलिया और शांतिपुर जैसे इलाके हैं, जो बुनकर समुदाय के गढ़ माने जाते हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में बुनकरों और हस्तकरघा उद्योग से जुड़े लोगों के लिए भी कोई संदेश दे सकते हैं। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री ने अपनी सभाओं में बंगाल की संस्कृति और गौरव का जिक्र किया है। नादिया की धरती पर चैतन्य महाप्रभु का उल्लेख किए जाने की भी पूरी संभावना है।

मटुआ समुदाय के प्रमुख नेता शांतनु ठाकुर भाजपा के सांसद हैं और इस क्षेत्र में भाजपा को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पहले भी फायदा मिला है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह रैली केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री नादिया की धरती से बंगाल के मतदाताओं को क्या संदेश देते हैं और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

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