देश का मौसम: ठंड, कोहरा और बारिश का अलर्ट
देशभर में 15 जनवरी 2026 को मौसम का मिज़ाज खासा बदला हुआ नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत के बड़े हिस्से शीतलहर, घने कोहरे और हल्की से मध्यम बारिश की चपेट में रहेंगे। खासकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में कड़ाके की ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। सुबह और देर रात घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के करीब 8 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। ठंड और नमी बढ़ने से शीतलहर का असर और तेज हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर: ठंड के साथ प्रदूषण की मार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में शीतलहर का असर फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने से विज़िबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। इसके साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंड और प्रदूषण के दोहरे असर को देखते हुए कुछ इलाकों में स्कूलों में छुट्टियां या ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी गई हैं।
उत्तर भारत का मौसम परिदृश्य
उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब में 15 जनवरी को ठंड का असर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। सुबह-शाम घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जगहों पर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, हालांकि रबी फसलों के लिए यह ठंड कुछ हद तक लाभकारी मानी जा रही है।
राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में भी ठंड तेज बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादल छाने से तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। रेगिस्तानी इलाकों में रातें बेहद सर्द बनी हुई हैं।
पर्वतीय राज्यों में बर्फबारी का असर
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम और अधिक सख्त बना हुआ है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। बर्फबारी के कारण कई पर्वतीय मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ठंड बढ़ने से तापमान शून्य के करीब या उससे नीचे चला गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। हालांकि बर्फबारी से पर्यटन स्थलों पर रौनक भी देखने को मिल रही है।
मध्य भारत: ठंड कम, मौसम साफ
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर और शुष्क बना हुआ है। यहां ठंड का असर उत्तर भारत की तुलना में कम है। दिन के समय धूप खिली रहेगी, जिससे तापमान सुखद बना रहेगा। न्यूनतम तापमान जरूर हल्का ठंडा रह सकता है, लेकिन शीतलहर जैसी स्थिति नहीं है। किसानों और आम लोगों के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।
दक्षिण भारत: हल्की बारिश के संकेत
दक्षिण भारत के राज्यों—तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश—में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा। कुछ तटीय और दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश या बादल छाने की संभावना जताई गई है। हालांकि ठंड का असर यहां बेहद कम रहेगा। दिन और रात के तापमान सामान्य के आसपास बने रहेंगे। आंशिक रूप से बादल रहने के कारण मौसम सुहावना बना रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत: ठंड और हल्की बारिश
असम, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में ठंड के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में तापमान कम रहने से ठिठुरन महसूस की जा रही है। कोहरे का असर भी कुछ क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर 15 जनवरी 2026 को देश के मौसम में साफ तौर पर क्षेत्रीय विविधता देखने को मिलेगी। उत्तर भारत में शीतलहर, घना कोहरा और बारिश-बर्फबारी प्रमुख मौसम घटनाएं रहेंगी, जिससे जनजीवन प्रभावित रहेगा। वहीं मध्य और दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत शांत, साफ और सुखद बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियां बरतने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।