मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का प्रहार
12 शहरों में पारा 10° से नीचे, शहडोल का कल्याणपुर सबसे सर्द – 6.1°C
मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। नवंबर के अंतिम हफ्ते ने ही कड़ाके की ठंड का एहसास करा दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सागर, शहडोल, मंडला, बैतूल, छिंदवाड़ा, उमरिया, रतलाम, धार और खजुराहो सहित 12 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। वहीँ, शहडोल जिले का कल्याणपुर मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 6.1°C दर्ज किया गया।
Mp में मौसम का ताज़ा हाल
मप्र के जिलों में कड़ाके ठंड
MP के 12 शहरों में पारा 10° से नीचे
भोपाल , इंदौर – उज्जैन में छाया कोहरा
एक सप्ताह बाद पारे में फिर गिरावट
उत्तर से आ रही हवा के कारण प्रदेश में चल रही ठंड हवाएं
रात के समय आज भी कोहरे का असर बना रहेगा
शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा
तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
प्रदेश भर में उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और अधिक सर्द बना दिया है। बीते 48 घंटों से तापमान में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जबकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह बाद ठंड और तेज़ हो सकती है, क्योंकि हिमालयी राज्यों में बर्फबारी बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बन सकती है।
कोहरे की चादर में लिपटा भोपाल, इंदौर और उज्जैन
सर्द हवाओं के साथ साथ प्रदेश के बड़े शहरों में कोहरे का असर भी बढ़ने लगा है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कई इलाकों में 100 से 200 मीटर के बीच पहुंच गई, जिसके कारण सुबह की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
भोपाल में सुबह का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.5 और उज्जैन में 10.8 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ। स्थानीय मौसम केंद्र ने कहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार ठंड का पहला दौर ज्यादा तेज देखने को मिल रहा है।
उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएँ बढ़ा रहीं ठिठुरन
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश की बढ़ती ठंड का सबसे बड़ा कारण उत्तर भारत से लगातार आ रही उत्तरी/उत्तर-पश्चिमी हवाएँ हैं।
इन हवाओं का प्रभाव इतना तेज है कि दिन में धूप होने के बावजूद लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 3–4 दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। रात के समय कोहरा बने रहने की संभावना है। अगले सप्ताह पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कमजोर पड़ने पर न्यूनतम तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक पहुँच सकता है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी ठिठुरन, रात में अलाव का सहारा
प्रदेश के ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में ठंड का असर और ज्यादा है।
मंडला, बैतूल, उमरिया और शहडोल के कई इलाकों में सुबह-सुबह धुंध के बीच लोग अलाव तापते दिखाई दिए। किसानों के लिए यह तापमान गिरावट रबी फसलों के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन सब्जियों पर पाला पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
खेतों में हल्की सिंचाई करें—कृषि विशेषज्ञ
सब्जियों पर पाले से बचाव के उपाय अपनाएँ। देर रात और तड़के सुबह खेतों में धुआँ देने की तकनीक भी कारगर हो सकती है। यातायात और दैनिक जीवन में भी असर
कोहरे और ठंड ने प्रदेश के दैनिक जीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
कई इलाकों में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को अधिक गर्म कपड़े पहनाए जा रहे हैं। बसों और ट्रेनों की आवाजाही पर कोहरे का असर दिखाई दे रहा है। सड़क मार्गों पर ड्राइवरों को धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में ट्रैफिक पुलिस ने सुबह के समय फॉग लाइट और लो बीम हेडलाइट के उपयोग की अपील की है।
आने वाला सप्ताह कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है लेकिन रात का तापमान लगातार गिरता रहेगा। यानि की सुबह–शाम की ठंड और तेज़ होगी। 12 जिलों में पहले से ही पारा 10 डिग्री से नीचे है, और अगले सप्ताह यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
दिसंबर के पहले हफ्ते से प्रदेश में ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा, जो और तीखा हो सकता है। कई शहरों में तापमान 4–5 डिग्री तक आ सकता है। नवंबर के अंत में ही मध्य प्रदेश ठंड से कांप रहा है। कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे पहुँच गया है। कल्याणपुर का 6.1°C तापमान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में ठिठुरन और बढ़ सकती है। कोहरा, रात का तापमान और उत्तर से आती हवाएं।।
इन सबका असर अगले कुछ हफ्तों तक बना रहने वाला है। लिहाज़ा विशेषज्ञों का कहना है कि लोग गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाएँ, सुबह–शाम सावधानी बरतें और मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखें।





