मध्यप्रदेश का मौसम बदला…छाए बादल…मार्च की शुरुआत में बारिश के आसार
Madhya Pradesh में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। 27 फरवरी की सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हैं। मौसम विभाग के अनुसार एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका असर मार्च की शुरुआत में देखने को मिल सकता है। 1 और 2 मार्च को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
नया सिस्टम होगा एक्टिव
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहा एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। इसी के प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हो सकती है। यही सिस्टम प्रदेश के मौसम में बदलाव लाएगा। हालांकि बुधवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन 27 फरवरी के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। 1 और 2 मार्च को खासतौर पर मालवा-निमाड़ और महाकौशल क्षेत्र में हल्की बारिश के आसार हैं।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर में असर
राजधानी Bhopal, Indore, Gwalior और Jabalpur सहित कई बड़े शहरों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बीते दो दिनों में बादल, तेज हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। मौसम विभाग का कहना है कि मार्च के पहले सप्ताह में इन शहरों में बादल छाए रह सकते हैं और गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि व्यापक भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
बीते 24 घंटों का हाल
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा। इंदौर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, बैतूल, खंडवा, सीहोर, सिवनी, डिंडोरी, रायसेन और रतलाम सहित कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रबी सीजन की फसलों पर इस अनियमित मौसम का असर पड़ सकता है। गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों के लिए ओलावृष्टि नुकसानदेह साबित हो सकती है, जबकि हल्की बारिश कुछ क्षेत्रों में लाभकारी भी हो सकती है।
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
कई दिनों से शुष्क मौसम के बाद बादलों की वापसी को कुछ किसान राहत के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि नमी की कमी से फसलें प्रभावित हो रही थीं। लेकिन जिन इलाकों में ओले गिरे हैं, वहां किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश सीमित और हल्की रहती है तो यह फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन तेज आंधी और ओले नुकसान बढ़ा सकते हैं।
तापमान का हाल
प्रदेश में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 10.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मंदसौर में 10.9 डिग्री, शाजापुर में 11.5 डिग्री, चित्रकूट में 11.7 डिग्री, राजगढ़ में 12 डिग्री, खजुराहो में 12.2 डिग्री और दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद दिन के समय धूप निकलने से मौसम सुहावना बना हुआ है। आने वाले दिनों में बादल बढ़ने के साथ दिन के तापमान में हल्की कमी आ सकती है।
मार्च की शुरुआत कैसी रहेगी?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। खासकर पश्चिमी और मध्य भागों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। हालांकि यह सिस्टम ज्यादा मजबूत नहीं माना जा रहा, इसलिए व्यापक और लगातार बारिश की संभावना कम है। विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखें। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना है, वहां फसलों की सुरक्षा के उपाय किए जाएं। वहीं आम नागरिकों को भी तेज हवा और बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर,मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मार्च की शुरुआत हल्की बारिश और बादलों के साथ हो सकती है। आने वाले 3-4 दिन प्रदेश के मौसम की दिशा तय करेंगे।