देश के विभिन्न राज्यों में 18 फरवरी 2026 का मौसम समाचार
18 फरवरी 2026 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा, जबकि दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बादल और वर्षा की स्थिति बना रहा है। कई राज्यों में बारिश, तेज़ हवाओं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत — बारिश, तूफ़ान और बर्फबारी
उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है। IMD ने बताया है कि दिल्ली-एनसीआर सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
यह बदलाव मुख्य रूप से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में बादल छाए रहेंगे और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि सर्दी पूरी तरह वापस लौटने की संभावना कम है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश
दिल्ली‑एनसीआर में 18 फरवरी को पीला अलर्ट जारी किया गया है। दोपहर बाद हल्की बारिश और तेज़ हवाओं के झोंके महसूस किए जा सकते हैं। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य जिलों में आंशिक वर्षा और बादल छाए रहने के संकेत हैं। लखनऊ, मेरठ, आगरा और कानपुर जैसे शहरों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा के उपाय पहले से कर लें।
राजस्थान
राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। जयपुर, बीकानेर और अलवर समेत कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। हालांकि कुछ शुष्क इलाकों में केवल बादल छाए रहेंगे और वर्षा सीमित रहेगी।
मध्य भारत — मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब
मध्य प्रदेश के कई जिलों में 18 और 19 फरवरी को बारिश का अलर्ट जारी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में बादल छाए रहने और हल्की वर्षा के आसार हैं। तापमान में हल्की गिरावट से दिन में ठंडक महसूस हो सकती है। हरियाणा और पंजाब में भी गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे गेहूं और सरसों की फसलों पर असर पड़ सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हिमालय क्षेत्र — हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर
पहाड़ी राज्यों में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू‑कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। शिमला, मनाली, गुलमर्ग और औली जैसे पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फ गिर सकती है। बर्फबारी के कारण सड़क मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम अपडेट देखते हुए यात्रा करने की सलाह दी है।
पश्चिम और पूर्व भारत
पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों, खासकर गुजरात और महाराष्ट्र में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहेगा, हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। वहीं पूर्वी भारत — बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल — में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
दक्षिण और तटीय भारत
दक्षिण भारत में मौसम का रुख कुछ अलग है। बंगाल की खाड़ी के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के चलते तटीय इलाकों में बादल और वर्षा की स्थिति बनी हुई है।तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। चेन्नई, मदुरै और तिरुवनंतपुरम में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर वर्षा की संभावना है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में भी मौसम नम रह सकता है।
तापमान और मौसमी बदलाव
देश के कुछ हिस्सों में पारा सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया है, जो शुरुआती मौसमी बदलाव का संकेत देता है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत में अस्थायी गिरावट देखी जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह तक तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा और मार्च के साथ ही गर्मी का असर स्पष्ट होने लगेगा। कुल मिलाकर 18 फरवरी 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। कहीं बारिश, कहीं तेज हवाएं तो कहीं बर्फबारी देखने को मिल सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।





