देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग, कहीं घना कोहरा तो कहीं सुहावनी धूप

Delhi temperature drop sharply cold winds will blow UP Alerts of strong winds and fog

देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग, कहीं घना कोहरा तो कहीं सुहावनी धूप

नई दिल्ली।भारत में मौसम की विविधता एक बार फिर साफ तौर पर देखने को मिल रही है। दिसंबर 2025 के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के हालात पूरी तरह भिन्न हैं। उत्तर भारत के कई राज्य जहां घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण भारत में मौसम सुहावना और अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है। पश्चिमी और पूर्वी भारत में हल्की ठंड और धुंध का असर है, जबकि पूर्वोत्तर भारत अपने अलग जलवायु स्वरूप के कारण खास पहचान रखता है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर जनजीवन, यातायात और कृषि गतिविधियों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में कोहरा और शीतलहर का प्रकोप

उत्तर भारत के राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा—में इन दिनों घना कोहरा और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। दिल्ली-एनसीआर में कई दिनों से वायु गुणवत्ता भी गंभीर श्रेणी में बनी हुई है, जिससे ठंड के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या ने लोगों को परेशान कर रखा है। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यंत घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात यात्रा से बचने की सलाह दी है।

महाराष्ट्र में हल्की ठंड और बादलों का असर

महाराष्ट्र की बात करें तो मुंबई जैसे तटीय शहरों में मौसम हल्का ठंडा और बादलों से घिरा हुआ बना हुआ है। यहां तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो इस समय सामान्य माना जाता है। सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन दिन में उमस भी बनी रहती है। समुद्री हवाओं के कारण मौसम अपेक्षाकृत संतुलित है और कड़ाके की ठंड का असर यहां कम देखने को मिल रहा है।

दक्षिण भारत में सुहावना मौसम

दक्षिण भारत के राज्यों—केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक—में इस समय मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। यहां उष्णकटिबंधीय जलवायु का असर साफ दिखता है। दिन के समय हल्की गर्मी रहती है, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी होती हैं। केरल में ठंडी हवाओं के साथ साफ मौसम है, वहीं तमिलनाडु और कर्नाटक में भी तापमान संतुलित बना हुआ है। बेंगलुरु जैसे शहरों में सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंड का अहसास जरूर होता है, लेकिन दिन में मौसम बेहद आरामदायक रहता है। यही वजह है कि इस समय दक्षिण भारत पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल रहता है।

पूर्वी भारत में हल्की ठंड और धुंध

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हल्की ठंड और धुंध का असर देखने को मिल रहा है। यहां तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होती है, जबकि दिन में धूप निकलने से राहत मिलती है। मौसम न ज्यादा ठंडा है और न ही ज्यादा गर्म, जिससे सामान्य जनजीवन पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है।

गुजरात और राजस्थान में सर्दी का असर

गुजरात के अहमदाबाद में हल्की धुंध के साथ मध्यम तापमान बना हुआ है। यहां तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में सर्दी का असर ज्यादा नजर आ रहा है। यहां तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और रात के समय ठंड और बढ़ जाती है। रेगिस्तानी इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल रहा है।

पूर्वोत्तर भारत का अलग मौसम

पूर्वोत्तर भारत, खासकर मेघालय का मौसिनराम, दुनिया में सबसे अधिक बारिश वाले इलाकों में गिना जाता है। हालांकि दिसंबर के महीने में यहां अपेक्षाकृत शुष्क मौसम रहता है। ठंडी हवाओं के साथ मौसम साफ रहता है, लेकिन नमी बनी रहती है। यह क्षेत्र अपनी अनोखी जलवायु के कारण पूरे देश से अलग पहचान रखता है।

भारत का सामान्य जलवायु चक्र

भारत में मौसम का चक्र भी बेहद खास है। दिसंबर से फरवरी के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में ठंडा और शुष्क मौसम रहता है। मार्च से मई तक गर्मी धीरे-धीरे बढ़ती है और कई क्षेत्रों में तापमान बेहद अधिक हो जाता है। जून से अगस्त तक मानसून का दौर रहता है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होती है। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में मानसून की विदाई के साथ मौसम में राहत देखने को मिलती है।

कुल मिलाकर, दिसंबर 2025 में भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं ठंड और कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है, तो कहीं सुहावना मौसम लोगों को राहत दे रहा है।

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