देशभर में मौसम का हाल: इन राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी..10 से 12 July तक आसमान से बरसेगी आफत
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ थोड़ी मंदी पाई जा रही हैं, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में बारिश का असर बढ़ सकता है। 10, 11 और 12 जुलाई तक मानसून की गति पकड़ने की संभावना जताई गई है, और इससे संबंधित कई राज्यों में अलर्ट जारी किए गए हैं।
देशभर में मौसम का सामान्य प्रभाव
देश के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर से दक्षिण भारत तक आसमान पर बादल छाए हुए हैं। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर है। लगातार कई दिनों से अलर्ट जारी होने के बावजूद बारिश की कमी बनी हुई है, जिससे उमस का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आ सकती है, खासकर 10, 11 और 12 जुलाई तक बारिश का असर बढ़ सकता है।
राजस्थान और उत्तर भारत: भारी बारिश और आंधी का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि का भी खतरा बताया गया है। खासकर राजस्थान के कई हिस्सों में गुरुवार से भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। 10 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है और 12 जुलाई तक कई स्थानों पर अतिवृष्टि हो सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश और बिहार में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
मध्य प्रदेश में सावन के शुरुआत से ही मौसम में तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। खासकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ के हालात बन सकते हैं। इसी तरह बिहार में भी 10 जुलाई से कई जिलों के लिए बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। खासकर नवादा, मुंगेर, भागलपुर और पटना में बारिश के साथ ठनका गिरने की संभावना है।
महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश: रेड अलर्ट और लैंडस्लाइड का खतरा
महाराष्ट्र में मानसून की तीव्रता और बढ़ने की उम्मीद है। मुंबई, पुणे और नागपुर में भारी बारिश की संभावना के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों में हो रही भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ चुका है, और कई स्थानों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नागपुर में सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, और राज्य राजमार्ग भी यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इन राज्यों में अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा है। खासकर कांगड़ा, शिमला, मंडी, कुल्लू, और सोलन जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट: तेलंगाना से लेकर कर्नाटक तक
दक्षिण भारत में भी मानसून का असर दिख रहा है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में भी अगले 24 घंटों के दौरान बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। स्काईमेट के अनुसार, इन राज्यों में मूसलधार बारिश हो सकती है, और कुछ स्थानों पर बाढ़ का खतरा भी हो सकता है। साथ ही, पूर्वोत्तर राज्यों असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है।
कश्मीर और उत्तराखंड में ठंडक का असर
कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा। कश्मीर में न्यूनतम तापमान 12°C और अधिकतम तापमान 17°C के बीच रह सकता है, जबकि उत्तराखंड के देहरादून और शिमला में हल्की बारिश के साथ ठंडक का असर देखा जाएगा।
देशभर में मानसून का असर बढ़ने की संभावना है, खासकर 10 से 12 जुलाई तक। विभिन्न राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है, और मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।