मौसम अपडेट: 17 से 25 मार्च तक बदलेगा मौसम का मिजाज, कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना
देश में मार्च के मध्य से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों का असर देखने को मिलेगा। कहीं तेज गर्मी बढ़ेगी तो कहीं बादल, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 17 मार्च के आसपास एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 मार्च के बीच बादल छाने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मध्य भारत का मौसम
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में 17 से 19 मार्च के बीच मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी और तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि 20 से 23 मार्च के बीच कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई जा रही है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
उत्तर भारत में तापमान का उतार-चढ़ाव
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 17 से 19 मार्च के बीच दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन 20 मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट संभव है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में आंशिक बादल और हल्की बारिश के आसार बन सकते हैं।
पूर्वी भारत में बारिश के संकेत
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 18 से 22 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिसकी गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार और झारखंड में दिन का तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत का मौसम
दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि तटीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। यहां दिन का तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में 18 मार्च के बाद गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि 22 से 24 मार्च के बीच राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चलने की संभावना भी जताई गई है।
किसानों के लिए सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है वहां फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। विशेष रूप से गेहूं और सरसों की फसल वाले क्षेत्रों में मौसम के उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर 17 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम बदलता हुआ दिखाई देगा। कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं चलेंगी तो कहीं गर्मी का असर बढ़ेगा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में तापमान में गिरावट और बादल छाने की संभावना है, जबकि मध्य और पश्चिम भारत में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में लोगों को मौसम के इस बदलते मिजाज के लिए तैयार रहना चाहिए।




