DUSU Elections 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय में कांटे की टक्कर, शुरू हुई वोटिंग
2.75 लाख से ज्यादा छात्र डालेंगे वोट, मैदान में 9 उम्मीदवार
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 की वोटिंग आज सुबह से शुरू हो चुकी है। देश के सबसे बड़े छात्र संघ चुनावों में गिने जाने वाले इस चुनाव में करीब 2.75 लाख छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। पहली पाली में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम की पाली में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोटिंग होगी। मतगणना शुक्रवार, 19 सितंबर को होगी।
अध्यक्ष पद पर 9 उम्मीदवार मैदान में
इस बार अध्यक्ष पद पर 9 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें प्रमुख नाम अंजलि (एसएफआई-आइसा गठबंधन), जोसलिन नंदिता चौधरी उर्फ जीतू चौधरी (NSUI), और आर्यन मान (ABVP) हैं। इनके अलावा अनुज कुमार, दिव्यांशु सिंह यादव, राहुल कुमार, उमांशी, योगेश मीणा और अभिषेक कुमार भी मुकाबले में हैं।
कौन सी यूनियनें आमने-सामने?
इस बार DUSU चुनावों में चार बड़े मोर्चे आमने-सामने हैं। ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) RSS समर्थित और पिछले एक दशक से DUSU चुनावों में सबसे सफल संगठन। NSUI (नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया): कांग्रेस से जुड़ा छात्र संगठन। लेफ्ट गठबंधन (SFI + AISA): वामपंथी छात्र राजनीति को मजबूत आधार देने की कोशिश में। ASAP (एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स): आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन, जो पहली बार बड़े पैमाने पर मैदान में है।
मतदान व्यवस्था
चुनाव के लिए 52 कॉलेज और केंद्रों में 195 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
ईवीएम के लिए: 195 बूथ और 700 मशीनें।
बैलेट पेपर के लिए: 780 बूथ।
दिव्यांग छात्रों के लिए: विशेष बूथ की व्यवस्था।
कुल चार पदों के लिए 21 उम्मीदवार मैदान में हैं।
कौन वोट कर सकता है?
प्रथम वर्ष के छात्र: कॉलेज आईडी न होने पर भी वे वैध फीस रसीद और सरकारी पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी, पैन या ड्राइविंग लाइसेंस) के साथ वोट दे सकते हैं। द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र के लिए वैध कॉलेज आईडी कार्ड जरूरी। पात्रता की शर्त की बात करें तो 9 सितंबर 2025 (शाम 5 बजे) से पहले डीयू कॉलेजों/विभागों में दाखिला लिया होना चाहिए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए 600 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें 160 पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे के साथ। विश्वविद्यालय परिसर और पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी। विश्वविद्यालय क्षेत्र में विशेष यातायात व्यवस्था लागू। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नोटिस जारी कर कहा है कि केवल अधिकृत वाहन ही गेट नंबर 1 से प्रवेश कर पाएंगे। गेट नंबर 4 दोनों दिन बंद रहेगा। मतगणना वाले दिन (19 सितंबर) जीसी नारंग मार्ग और कैवलरी लेन पूरी तरह बंद रहेंगे।
मुकाबला क्यों है खास?
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव केवल एक कैंपस चुनाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का ट्रेंड सेट करने वाला माना जाता है। ABVP पिछले कई वर्षों से लगातार मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। NSUI इस बार संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए आक्रामक रणनीति में है। लेफ्ट गठबंधन (SFI-AISA) कैंपस राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहता है। ASAP (AAP का छात्र संगठन) पहली बार छात्र राजनीति में वैकल्पिक एजेंडा लेकर उतरा है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
छात्र राजनीति का भविष्य तय करेंगे नतीजे
2.75 लाख से ज्यादा छात्र मतदाता दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में अपनी पसंद का नेतृत्व चुनेंगे। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर होने वाले इस चुनाव के नतीजे न केवल कैंपस राजनीति बल्कि राष्ट्रीय छात्र राजनीति की दिशा भी तय करेंगे। (प्रकाश कुमार पांडेय)