विशाखापत्तनम में नशे में तेज़ रफ्तार और ट्रैफिक पुलिस से मारपीट: नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को नशे की हालत में लापरवाही से वाहन चलाने और ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अधिकारी की पहचान राहुल कृष्णन के रूप में हुई है, जो भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर तैनात हैं। पुलिस के अनुसार, घटना रविवार तड़के की है, जिसके बाद मलकापुरम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार की सुबह मलकापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सड़क पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) की पाइपलाइन से जुड़े कार्य चल रहे थे। इस कारण उस मार्ग को कुछ घंटों के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था और वैकल्पिक मार्ग (डायवर्जन) की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान लेफ्टिनेंट कमांडर राहुल कृष्णन अपनी कार से उस बंद सड़क पर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और डायवर्जन लेने को कहा। पुलिस के अनुसार, अधिकारी की कार को रोकने के कई प्रयास किए गए, लेकिन वह पुलिस के इशारों को अनदेखा करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। आखिरकार जब सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध होने के कारण उनका वाहन रुक गया, तब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की।
नशे में होने का आरोप
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि नौसेना अधिकारी शराब के नशे में थे। उन पर आरोप है कि वे न सिर्फ नशे की हालत में गाड़ी चला रहे थे, बल्कि उनकी ड्राइविंग भी बेहद लापरवाह और खतरनाक थी। यह स्थिति वहां मौजूद अन्य लोगों और खुद पुलिसकर्मियों के लिए भी जोखिम भरी बन सकती थी।
जब ट्रैफिक विंग के सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और लापरवाही से वाहन चलाने को लेकर टोका, तो मामला और बिगड़ गया।
ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर से मारपीट
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान राहुल कृष्णन ने पहले तो सब-इंस्पेक्टर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई की और उन पर हमला कर दिया। इस घटना से मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मलकापुरम थाना पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद आरोपी नौसेना अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि राहुल कृष्णन के खिलाफ नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग करने, सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने और ड्यूटी में बाधा डालने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें स्वयं के बांड (सेल्फ बॉन्ड) पर रिहा कर दिया गया।
हालांकि रिहाई के बावजूद मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या किसी प्रतिष्ठित पद पर तैनात अधिकारी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “घटना के समय सड़क पर मरम्मत कार्य चल रहा था और सुरक्षा कारणों से मार्ग बंद किया गया था। आरोपी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया और पूछताछ के दौरान एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला किया, जो कि गंभीर अपराध है।”
अनुशासन और जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और अनुशासन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रक्षा सेवाओं से जुड़े अधिकारियों से आमतौर पर उच्च स्तर के अनुशासन और आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आना कई लोगों को हैरान कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे में वाहन चलाना अपने आप में एक गंभीर अपराध है, और जब इसमें किसी सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट जैसी घटना जुड़ जाए, तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है, बल्कि संस्थानों की छवि पर भी सवाल खड़े होते हैं।
फिलहाल राहुल कृष्णन को जमानत मिल चुकी है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस मामले की जानकारी संबंधित विभागों तक भी पहुंचाई जा सकती है। विशाखापत्तनम की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा नियमों और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। नशे में वाहन चलाना न केवल चालक के लिए, बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए खतरा बन सकता है। कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच के बाद इस मामले में क्या अंतिम कार्रवाई होती है और इससे क्या संदेश जाता है।