नेपाल में हिंसा: भारत-नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट जारी…. यूपी-बिहार में सीमा पर की कड़ी सुरक्षा
नेपाल में हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में हिंसा भड़क उठी है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने नेपाल से सटे अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। बिहार और उत्तर प्रदेश से लगे नेपाल बॉर्डर के सभी प्रवेश द्वारों पर विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने की तैयारी कर रही हैं।
नेपाल में हिंसा और भारत की चिंता
नेपाल सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की। भारत-नेपाल की खुली सीमा और घनिष्ठ रिश्तों को देखते हुए यह स्थिति भारत के लिए चिंता का विषय बन गई है। अधिकारियों का कहना है कि बॉर्डर पर अभी आवाजाही सामान्य है, लेकिन हिंसा के असर से नेपाल जाने वालों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
बॉर्डर पर अलर्ट और अतिरिक्त सुरक्षा
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अलर्ट जारी किया है। बिहार और यूपी से सटे सभी 16 आधिकारिक एंट्री प्वाइंट्स पर जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। बिहार का रक्सौल बॉर्डर, जिसे नेपाल का प्रवेश द्वार कहा जाता है, विशेष निगरानी में है। यूपी के सोनौली बॉर्डर, जोगबनी, भिट्ठामोड़, और जयनगर पर भी अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जवानों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी तरह की भीड़ या अशांत गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को जानकारी दें।
तस्करी की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नेपाल में स्थिति और बिगड़ती है तो भारत से नेपाल की ओर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की तस्करी शुरू हो सकती है। इसके लिए राज्य पुलिस और एसएसबी ने पहले से तैयारी कर रखी है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अराजक तत्व इस स्थिति का फायदा उठाकर माहौल और बिगाड़ सकते हैं।
अभी सामान्य है आवाजाही
हालांकि, एसएसबी अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी भारत से नेपाल जाने और नेपाल से भारत आने पर किसी तरह की रोक नहीं है। लोगों की आवाजाही और पहले की तरह जारी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि अगर हालात नियंत्रण से बाहर होते हैं तो भारत सरकार नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों पर अस्थायी रोक लगाने पर विचार कर सकती है। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर हमेशा से आवाजाही आसान रही है। यही वजह है कि किसी भी तरह की अशांति भारत पर सीधा असर डाल सकती है। अगर नेपाल में हिंसा लंबे समय तक जारी रही तो सीमावर्ती जिलों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। व्यापारिक आदान-प्रदान धीमा हो सकता है। अवैध तस्करी और अराजक गतिविधियों में वृद्धि की आशंका है।
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर भड़की हिंसा ने भारत-नेपाल सीमा को संवेदनशील बना दिया है। भारत की ओर से सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है और हर हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सीमा पर आवाजाही सामान्य है, लेकिन आने वाले दिनों में यदि स्थिति बिगड़ती है तो न केवल सीमावर्ती इलाकों बल्कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





