उपराष्ट्रपति चुनाव : NDA ने बनाया सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार…सीपी को जिताने के लिए बीजपी ने बनाई ये रणनीति….इसी दिन मिलेगा देश को नया उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति चुनाव : NDA ने बनाया सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार…सीपी को जिताने के लिए बीजपी ने बनाई ये रणनीति

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है। एक दिन पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुई बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपी राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगा दी है। बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA ने सर्वसम्मति से सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है।

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी

सीपी राधाकृष्णन के रुप में एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम घोषित किए जाने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवार की घोषणा के तुरंत बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत कर कांग्रेस से समर्थन मांगा। सूत्रों के मुताबिक राजनाथ सिंह ने विपक्ष से सहमति बनाने की कोशिश की है, ताकि उपराष्ट्रपति चुनाव निर्विरोध हो सके।
हालांकि, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक आज अपनी रणनीति बैठक करने जा रहा है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि क्या वे एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ साझा प्रत्याशी खड़ा करेंगे या चुनाव से दूर रहेंगे। नंबर गेम के लिहाज से एनडीए की स्थिति फिलहाल मजबूत मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष की एकजुटता इस मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है। जानकारों का मानना है कि उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ पद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ताकत का प्रदर्शन भी होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम और तेज हो सकते हैं।

विपक्ष से भी करेंगे बात : जेपी नड्डा

बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने एक दिन पहले मीडिया से बातचीत में कहा था कि NDA विपक्ष से भी संवाद करेगा ताकि उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो सके। उन्होंने कहा,”हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति से हो। हमारे वरिष्ठ नेता लगातार विपक्ष से संपर्क में हैं और आगे भी यह बातचीत जारी रहेगी। NDA के सभी सहयोगियों ने राधाकृष्णन के नाम का समर्थन किया है।”

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

सीपी राधाकृष्णन भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से लंबे समय से जुड़े रहे वरिष्ठ नेता हैं। मूल रूप से तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर चार दशकों से भी अधिक लंबा है।

वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं और साथ ही तेलंगाना के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं। वे पुडुचेरी के उपराज्यपाल भी रह चुके हैं। राजनीति में उनकी गहरी पकड़ और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें हमेशा से बीजेपी में अहम भूमिका दी गई है।

शुरुआती राजनीतिक सफर
राधाकृष्णन किशोरावस्था से ही राजनीति और संगठन से जुड़े। मात्र 16 वर्ष की आयु में उन्होंने आरएसएस और जनसंघ से जुड़कर सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया।

वे दो बार कोयंबटूर (तमिलनाडु) से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।
इसके अलावा वे बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के भी सदस्य रहे हैं।
दक्षिण भारत में बीजेपी की जड़ों को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान माना जाता है, खासकर तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में जहां पार्टी का आधार सीमित था।

उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखें

चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 21 अगस्त
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 25 अगस्त
मतदान और मतगणना: 9 सितंबर
इसी दिन देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।

क्यों खाली हुआ उपराष्ट्रपति का पद?
देश के मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। यह घोषणा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की गई थी। धनखड़ ने अपने त्यागपत्र में लिखा था: “स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।” धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त हो गया था और तभी से नए उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।

राधाकृष्णन के नाम पर सहमति क्यों?

बीजेपी और NDA ने जिस तरह से राधाकृष्णन का नाम आगे बढ़ाया है, उसके पीछे कई कारण हैं—अनुभव और सादगी: चार दशकों से ज्यादा का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव। दक्षिण भारत में पकड़: तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में संगठन मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका। प्रशासनिक अनुभव: राज्यपाल और उपराज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर लंबे समय तक काम करने का अनुभव। सर्वमान्य चेहरा: सरल स्वभाव और संतुलित कार्यशैली की वजह से वे NDA और विपक्ष दोनों के लिए स्वीकार्य चेहरा हो सकते हैं। NDA ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष क्या रुख अपनाता है। अगर विपक्ष भी सहमति जताता है तो संभव है कि राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जाएं। 9 सितंबर को होने वाले चुनाव और उसी दिन मतगणना से यह साफ हो जाएगा कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा, लेकिन इतना तय है कि बीजेपी और NDA ने एक ऐसे नेता पर दांव लगाया है जो संगठनात्मक और प्रशासनिक दोनों अनुभवों से लैस हैं। प्रकाश कुमार पांडेय

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