हंगामे और वॉकआउट के बीच राज्यसभा से पास हुआ VB-G RAM G बिल, विपक्ष ने बताया गांधी का अपमान

गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान VB-G RAM G बिल को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई। बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया और सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में सरकार ने ध्वनिमत से इस विधेयक को पारित करवा लिया।

विपक्ष की मांग और वॉकआउट

बिल पर बहस के दौरान विपक्षी सांसदों ने इसे सिलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। उनका कहना था कि इस विधेयक के दूरगामी असर हैं, इसलिए गहन समीक्षा जरूरी है। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो विपक्षी दलों के सांसद राज्यसभा से बाहर चले गए, जिसके बाद सदन में मौजूद सदस्यों की आवाज से बिल पास कर दिया गया।

मकर द्वार पर TMC का धरना

बिल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद संसद के मकर द्वार पर रातभर धरने पर बैठे रहे। TMC सांसदों का आरोप है कि यह विधेयक महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ है और इससे किसान तथा गरीब वर्ग को नुकसान पहुंचेगा। उनका कहना है कि सरकार ने बिना सहमति और चर्चा के बिल को आगे बढ़ाया।

शिवराज सिंह चौहान का विपक्ष पर पलटवार

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि उन्हें विपक्ष से रचनात्मक बहस की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा का नाम शुरू में नरेगा था और वर्ष 2009 के चुनावों के समय इसमें महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया, जिसे अब राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।

खड़गे का बयान और लोकसभा की पृष्ठभूमि

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही इस बिल को गरीब विरोधी बताते हुए कहा था कि यह जनकल्याण के लिए नहीं है। इससे एक दिन पहले, बुधवार को लोकसभा में करीब 14 घंटे चली लंबी बहस के बाद यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो चुका था। शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन है, जिसकी शुरुआत 1 दिसंबर को हुई थी।

 

 

 

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