वसुंधरा राजे के बयानों से गरमाई राजस्थान की सियासत, ‘चेहरे पे कई चेहरे’ टिप्पणी पर बढ़ी हलचल

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया इन दिनों फिर चर्चा में है। करीब दो दशक तक राजस्थान में बीजेपी का चेहरा रहीं वसुंधरा राजे अब बयानों के लिए सुर्खियों में हैं। वसुंधरा ने फिर एक ऐसा बयान दे डाला जिससे राजस्थान की राजनीति में हलचल हो गई। दरअसल राजस्थान में पूर्व मंत्री और सासंद सावरलाल जाट को याद किया। सावरलाल जाट को याद करते हुए वसुंधरा ने लिखा कि मौसम और इंसान कब बदल जाए कोई भरोसा नहीं। आजकल राजनीति में लोग नई दुनिया बसा लेते हैं, एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं, पर प्रो. सांवरलाल जाट ऐसे नहीं थे। वे मरते दम तक मेरे साथ थे।
वसुंधरा के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहा है। माना जा रहा है कि ये बयान उन विधायकों के लिए भी था जो पहले वसुंधरा के चक्कर लगाते थे अब नेतृत्व बदलने के साथ वो भी बदल गए। हांलाकि वसुंधरा इससे पहले भी कई ऐसे बयान दे चुकी हैं। इससे पहले उदयपुर में एक कार्यक्रम के वसुंधरा ने कहा कि वफा का वो दौर अलग था, आज लोग उसी की अंगुली काटने का प्रयास करते हैं, जिसे पकड़कर वो चलना सीखते हैं।
सिकक्म के राज्यपाल के सम्मान समारोह में कहा कि ओम माथुर चाहे कितनी बुंलदी पर रहे लेकिन उनके पैर हमेशा जमीन पर ही रहे।वरना कई लोगों को पीतल की लौंग क्या मिल जाती है, वे खुद को सर्राफ समझ बैठते हैं। अब राजनैतिक जानकार बयानो के मायने निकाल रहे है जानकारों की माने तो बयानो के दो ही मकसद हो सकते है । एक तो सियासत की चर्चा में रहना और दूसरा दिल्ली दरबार के कोई खास संकेत होना।

वसुंधरा राजे के बयानों से गरमाई राजस्थान की सियासत, 'चेहरे पे कई चेहरे' टिप्पणी पर बढ़ी हलचल

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