वंदे मातरम के 150 साल: संसद में जमकर घमासान!

राष्ट्रीयगीत वंदे मातरम को 150 साल पूरे हो गए हैं। वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर सदन में इस पर 10 घंटे की चर्चा रखी गई है। चर्चा की शुरूआत प्रधानमंत्री मोदी से हुई। उन्होंने कहा कि -‘हमारे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम का नारा लगाते हुए फांसी को गले लगाया.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘यह अलग-अलग जेलों में हुआ लेकिन सबका मंत्र एक ही था । लोकसभा में चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के कुछ स्टेंजा हटाने औऱ विभाजन का बीज बोने का आरोप लगाया। चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ‘वंदे मातरम आजादी की लड़ाई का प्रेरणा स्रोत था, जिसने भारतीयों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया और लड़ने की ताकत दी. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाए जाने के बाद यह गीत लोकप्रिय हुआ और स्वदेशी आंदोलन की आवाज बन गया.’ अखिलेश यादन ने इस मौके पर ‘सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा वे हर चीज को अपने नाम करना चाहते हैं, जबकि वंदे मातरम किसी पार्टी या व्यक्ति की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की भावना है. जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे वंदे मातरम का महत्व क्या समझेंगे? कुछ लोग अंग्रेजों के लिए मुखबिरी करते थे, आज वे खुद को राष्ट्रवादी बताते हैं.’ अखिलेश ने कहा कि ये राष्ट्रवादी ही राष्ट्रविवादी लोग हैं । वंदे मातरम पर दोनो की सदनों में 10 10 घंटे चर्चा चल रही है।

 

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