क्या अभिषेक-वैभव ओपनिंग जोड़ी टीम इंडिया की नई ताकत बनेगी? कोच ने बताई टीम में एंट्री की असली शर्त

राइजिंग स्टार एशिया कप में वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। 32 गेंदों पर शतक जड़कर उन्होंने जिस तरह सुर्खियां बटोरीं, उसके बाद सोशल मीडिया पर यह बहस तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में अभिषेक शर्मा के साथ वैभव भारतीय T20 टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं? हालांकि इस सवाल का जवाब तभी मिलेगा जब वैभव सूर्यवंशी खुद टीम इंडिया की दहलीज़ पार कर लेंगे। लेकिन वैभव वहां तक पहुंचेंगे कैसे? इसी सवाल पर TV9 हिंदी ने उनके कोच मनीष ओझा से बातचीत की और टीम में चयन के असली रास्ते को समझने की कोशिश की।

इंडिया ‘ए’ में खेलना वैभव के लिए बड़ा कदम

कोच मनीष ओझा के अनुसार, फिलहाल वैभव सूर्यवंशी इंडिया ‘ए’ टीम में शामिल हैं, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर टीम से ठीक नीचे की श्रेणी माना जाता है।
वे राइजिंग स्टार एशिया कप में इंडिया A की ओर से खेल रहे हैं
यहां हर मैच में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजरों में जाता है
यह टूर्नामेंट आगे उनके करियर की दिशा तय कर सकता है
कोच का कहना है कि वैभव ने जिस तरह शुरुआत की है, वह निश्चित रूप से चयन प्रक्रिया में उनकी उम्मीदों को मजबूत बनाती है।

तीन बड़े मंच—जिन पर दम दिखाना होगा
मनीष ओझा ने साफ कहा कि वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया तक पहुंचने का रास्ता तीन बड़े मंचों से होकर गुजरता है।
राइजिंग स्टार एशिया कप
अंडर-19 विश्व कप
आईपीएल का अगला सीजन

कोच के अनुसार, अगर वैभव इन तीनों प्रतियोगिताओं में स्थिर प्रदर्शन करते हैं, तो फिर राष्ट्रीय टीम में उनका नाम चर्चा से निर्णय तक पहुंच सकता है।
अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग—क्या यह जोड़ी बनेगी?
वैभव और अभिषेक की संभावित ओपनिंग जोड़ी को लेकर फैंस काफी उत्साहित हैं।
दोनों खिलाड़ी आक्रामक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं
T20 फॉर्मेट के लिए उनका गेम स्टाइल एकदम फिट माना जा रहा है
लेकिन चयन पूरी तरह परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा

कोच ओझा का मानना है कि वैभव यदि तीनों प्रमुख टूर्नामेंट में लगातार रन बनाते हैं, तो भविष्य में अभिषेक-वैभव जोड़ी भारतीय टीम की नई ताकत बन सकती है। इंडिया टीम में जगह—टैलेंट नहीं, निरंतरता करेगी तय मनीष ओझा ने बातचीत में यह भी कहा कि केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतरता और मानसिक दृढ़ता भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयन की कुंजी है।

वैभव में आक्रामकता और तकनीक दोनों हैं
अब जरूरत है खुद को बड़े मैचों में साबित करने की
चयनकर्ता ऐसे ही खिलाड़ियों को मौका देते हैं जो लगातार प्रभाव छोड़ें
उन्होंने कहा कि आने वाला एक साल वैभव के करियर का सबसे निर्णायक समय होगा।

 

 

 

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