दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस मुकाबले में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से खासा प्रभावित किया। आमतौर पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वैभव ने इस बार गेंद से टीम को अहम सफलता दिलाई। ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन के हाथों में थी, जबकि वैभव टीम के उपकप्तान हैं।
ईशान किशन ने मुश्किल समय में वैभव को थमाई गेंद
नॉर्थ ईस्ट जोन के बल्लेबाज जब विकेट बचाकर खेल रहे थे और ईस्ट जोन के गेंदबाजों को सफलता नहीं मिल रही थी, तब कप्तान ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी का मौका दिया। बाएं हाथ के स्पिनर वैभव ने कप्तान के भरोसे को सही साबित करते हुए सिर्फ 3 ओवर में 11 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके इस प्रदर्शन ने मैच का रुख बदलने में मदद की।
वैभव ने बताया, क्यों सिर्फ तीन ओवर में विकेट निकालने पर था फोकस
मैच के बाद बीसीसीआई डोमेस्टिक की ओर से साझा किए गए वीडियो में वैभव ने अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, तब उन्हें 2-3 ओवर गेंद डालने के लिए कहा गया। वैभव के मुताबिक, ईशान किशन को उन्हें गेंद देना थोड़ा जोखिम भरा लग रहा था, लेकिन उन्हें भरोसा था कि वह विकेट लेने में सक्षम हैं।
बल्लेबाजी में नहीं चला बल्ला, गेंद से कर दी भरपाई
इस मुकाबले में वैभव का बल्ले से प्रदर्शन ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। वह केवल 6 गेंदों का सामना कर 8 रन ही बना सके। हालांकि, गेंद हाथ में आते ही उन्होंने अपनी भूमिका बदल दी और टीम को दो अहम विकेट दिलाए। इससे युवा खिलाड़ी ने दिखाया कि जरूरत पड़ने पर वह गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी योगदान दे सकते हैं।
वैभव बोले- लाइन और लेंथ पर रखा पूरा ध्यान
वैभव ने बताया कि उन्हें पता था कि चाहे वह कितने भी विकेट क्यों न ले लें, उन्हें सीमित ओवर ही गेंदबाजी का मौका मिलेगा। इसलिए उन्होंने विकेट के पीछे भागने के बजाय अपनी लाइन और लेंथ पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले मुकाबले में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद गेंदबाजी के जरिए टीम के काम आना उन्हें काफी अच्छा लगा।
ईस्ट जोन की इस बड़ी जीत के साथ टीम ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपनी पहचान से अलग भूमिका निभाते हुए गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान ईशान किशन का उन पर भरोसा फिलहाल टीम के लिए सही साबित हुआ और 15 साल के इस खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींच लिया।