आईपीएल में युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ केवल 17 गेंदों में 52 रन बनाकर शानदार पारी खेली। 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक दर्ज किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 127 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और 8 विकेट से जीत दर्ज की।
आईपीएल में 15 गेंदों की फिफ्टी ने क्रिकेट विशेषज्ञों को किया प्रभावित
कम उम्र में बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर सूर्यवंशी ने यह दिखा दिया कि उनमें बड़े मैच जिताने की क्षमता मौजूद है। उनकी इस पारी ने दर्शकों के साथ पूर्व क्रिकेटरों को भी प्रभावित किया। लगातार बेखौफ अंदाज में रन बनाने की क्षमता ने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
पूर्व क्रिकेटरों ने बताया भविष्य का बड़ा खिलाड़ी
पूर्व भारतीय बल्लेबाज Mohammad Kaif ने माना कि शुरुआत में उन्हें युवा खिलाड़ी को लेकर संदेह था, लेकिन अब उनका मानना है कि सूर्यवंशी अगले स्तर के लिए तैयार नजर आते हैं। वहीं पूर्व स्पिनर Piyush Chawla ने भी कहा कि अगर खिलाड़ी लगातार ऐसा प्रदर्शन करता है तो उसे आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। Ambati Rayudu ने भी उनकी प्रतिभा को खास बताते हुए कहा कि टीम इंडिया में जगह बनाना आसान नहीं होता क्योंकि प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत है।
मजबूत टीम इंडिया में जगह बनाना बड़ी चुनौती
भारत की टी20 टीम मौजूदा समय में विश्व चैंपियन रह चुकी है, ऐसे में किसी नए खिलाड़ी के लिए तुरंत जगह बनाना आसान नहीं होता। चयन प्रक्रिया में प्रदर्शन के साथ निरंतरता भी अहम मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ी को धीरे-धीरे अनुभव लेने का मौका दिया जाना चाहिए।
अश्विन ने दी सलाह, कहा – प्रतिभा शानदार लेकिन समय देना जरूरी
पूर्व ऑफ स्पिनर Ravichandran Ashwin ने कहा कि इतने कम उम्र के खिलाड़ी पर अधिक दबाव डालना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी के पास लंबा करियर है और सही समय आने पर वह टीम इंडिया के लिए जरूर खेलेंगे। जल्दबाजी करने से खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव बन सकता है।
अंडर-19 प्रदर्शन के बाद तेजी से बढ़ी पहचान
अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी का नाम तेजी से उभरा है। उनकी बल्लेबाजी शैली और आत्मविश्वास उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।