Uttarkashi Cloudburst LIVE: 70 लोग अब भी लापता, राहत-बचाव जारी; पीएम मोदी ने सीएम धामी से लिया अपडेट

Monsoon havoc across the country rain alert in 27 states

Uttarkashi Cloudburst LIVE: 70 लोग अब भी लापता, राहत-बचाव जारी; पीएम मोदी ने सीएम धामी से लिया अपडेट

उत्तरकाशी से बड़ी खबर

उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने एक बार फिर 2013 की केदारनाथ आपदा की यादें ताजा कर दी हैं। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार रात बादल फटने से भारी तबाही मची है। खीरगंगा नदी में उफान के साथ आए सैलाब ने पूरे इलाके को मलबे से पाट दिया। अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 70 लोग लापता हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तरकाशी में हालात गंभीर

इस प्राकृतिक आपदा के बाद से वहां राहत और बचाव का काम तेजी से जारी है। सेना के साथ SDRF ही नहीं NDRF की टीमें भी मोर्चे पर जुटी हैं। यहां के पहाड़ी रास्तों के साथ ही लगातार हो रही बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने ली अपडेट जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार 6 अगस्त को उत्तराखंड राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। पीएम को सीएम ने बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से कार्य में जुटी है, और सभी जरूरी एजेंसियों के साथ समन्वय में काम किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को भी सतर्क कर दिया गया है।

मलबे में फंसी इनोवा गाड़ी, फिर बचाई गई

उत्तरकाशी के नरेंद्रनगर प्लास्डा चौकी से आगे एक इनोवा कार मलबे में फंस गई। स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमों ने कार को निकाला और उसमें सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यमुनोत्री घाटी में भारी बारिश से तबाही

तीसरे दिन भी बारिश जारी रहने से यमुनोत्री घाटी में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यमुना और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्याना चट्टी और कुपड़ा खड्ड में मलबा और पत्थरों का बहाव जारी है। यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा जमा हो गया है, जिससे क्षेत्र पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है।

गंगोत्री हाईवे पर 30 मीटर सड़क धंसी

गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड़ के पास लगभग 30 मीटर सड़क धंस जाने से धराली और हर्षिल का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन की राहत टीम और आवश्यक सामान लेकर जा रहे वाहन भटवाड़ी में फंस गए हैं। रात से टीमें वहां अटकी हुई हैं। प्रशासन ने मुखबा और कछोरा गांवों से लोगों को रात में ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

सड़कें धंसी, संपर्क टूट गया

नेताला से लेकर भटवाड़ी के बीच दो स्थानों पर सड़क धंसने से आवाजाही ठप है। मनेरी-ओंगी और पापड़गाड़ के बीच गंगोत्री हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। आज के दिन सड़क खुलने की संभावना नहीं है।

विकराल हुआ भूमध्यसागर से उठा पश्चिमी विक्षोभ

उत्तरकाशी में आई आपदा के पीछे मौसम वैज्ञानिकों ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी जैसे हालात बताए हैं। IIT रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर अंकित अग्रवाल ने बताया कि यह घटना भूमध्य सागर से उठे पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के टकराव के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के चलते पश्चिमी विक्षोभ का ट्रैक हिमालय की ओर शिफ्ट हो रहा है। जिससे ऐसी आपदाएं बार-बार घट रही हैं।
IIT रुड़की और जर्मनी की पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी के बीच चल रही इंडो-जर्मन रिसर्च परियोजना के तहत इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं का विश्लेषण और पूर्वानुमान पर काम चल रहा है।

अब क्या होगा?
उत्तरकाशी की यह त्रासदी एक बार फिर यह चेतावनी है कि हिमालयी क्षेत्र में मौसम की अस्थिरता और आपदा जोखिम कितने गंभीर हैं। राज्य और केंद्र सरकार सक्रिय हैं, लेकिन खराब मौसम और ढांचागत चुनौतियां राहत कार्यों में बाधा बन रही हैं। अब ज़रूरत है आपदा प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की। सटीक मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र को गाँव स्तर तक पहुंचाने की। स्थायी पुनर्वास योजना और पर्यावरणीय सुरक्षा नीति लागू करने की।

उत्तरकाशी LIVE अपडेट्स के लिए बने रहें… आपदा से जुड़ी हर अहम खबर यहां आपको मिलती रहेगी। प्रकाश कुमार पांडेय

Exit mobile version