सीएम पुष्कर सिंह धामी का किसानी अंदाज…खेत में उतरे धामी ने की धान की रोपाई ..किसानों को दिया ये संदेश…
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार 5 जुलाई को अचानक अपने गृहक्षेत्र खटीमा के नगरा तराई गांव पहुंचे। जहां का नज़ारा एकदम अलग था। राजनीति की व्यस्तता से अलग इस दिन सीएम धामी खुद किसान की भूमिका में नजर आए। उन्होंने पारंपरिक अंदाज़ में बैल चलाकर खेत की जुताई की और धान की रोपाई में हाथ बंटाया। सीएम धामी का ये जमीनी अंदाज न सिर्फ लोगों के दिल को छू गया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि खेती किसानी से जुड़ाव ही असली नेतृत्व की पहचान है।
खेत में उतरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
खटीमा में सीएम ने की धान रोपाई
किसानों के साथ बिताया समय
खटीमा में बैल चलाकर की धान रोपाई
नगरा तराई में खेतों में उतरे मुख्यमंत्री
किसान बन किया अन्नदाता को नमन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस भावुक पल की तस्वीरें खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कीं और लिखा खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं।
भूमिया देवता और इंद्र के साथ मेघ वंदना
इस दौरान क्षेत्रीय संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। “हुड़किया बौल” की गूंज के बीच भूमि के देवता भूमियां, वर्षा के देव इंद्र और मेघ देवता की वंदना की गई। सीएम धामी ने गांव के किसानों और ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाई, जिससे माहौल आत्मीय और उत्सवपूर्ण हो गया। गांववालों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बेहद खुशी जाहिर की, और कई लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज़ उन्हें और करीब ले आया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत भी किया।
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल ‘नेतृत्व में जमीन से जुड़ाव’ का संदेश देती है और किसानों की मेहनत को नमन करने का एक वास्तविक प्रतीक बनकर सामने आती है। सीएम की ये पहल उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण भावना को सम्मान देने का प्रयास है।… (प्रकाश कुमार पाण्डेय )





