उत्तराखंड विधानसभा में बजट सत्र में सदन में भू-कानून प्रस्तुत किया था। जिसे ध्वनीमत से पारित कर दिया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा इस कानून के माध्यम से प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने की उम्मीद जताई है।
- उत्तराखंड विधानसभा में भू-कानून पारित
- बाहरी लोग नहीं खरीद पाएंगे जमीन
- विधानसभा में पास हुआ कठोर भूमि विधेयक
- सीएम धामी ने पेश किया था भू कानून
- चुनावी वादे पूरे कर रही बीजेपी सरकार
- भू-कानून को लेकर बोले सीएम धामी
- ‘सरकार जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा जनभावनाओं का सम्मान करते और भूमि संसाधन का बेहतर प्रयोग किए जाने के लिए विधानसभा के पटल पर सख्त भू-कानून पेश किया गया है। जिसे पारित कर दिया गया है। विधानसभा के सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार जनहित में कई ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। राज्य के लोगों की जन भावनाओं के अनुरूप सरकार ने सख्त भू-कानून संशोधन विधेयक पारित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के संसाधनों को भू-माफियाओं से बचने के लिए सरकार की यह बड़ी कोशिश है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों अलग-अलग हैं। जिसको ध्यान में रखते हुए ही भू-सुधार की नींव रखी गई है। जिसमें आगे भविष्य में और कई सुधार किए जाएंगे।
दरअसल उत्तराखंड में सशक्त भूमि-कानून बनाने के लिए राज्य विधानसभा में उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया है।
इससे अब उत्तराखंड में भूमि की अंधाधुंध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। सदन में विधेयक पारित होने के बाद सीएम धामी ने कहा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भूमि संसाधन का और बेहतर उपयोग किया जाएगा। इसके लिए विधानसभा में सख्त भूमि विधेयक पारित किया गया है। सरकार ने राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया है।





