उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव की हलचल अभी से तेज हो गई है। एक तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार बड़े पैमाने पर नौकरियों की घोषणा कर युवाओं को साधने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव महिलाओं और PDA के नए राजनीतिक नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों दल युवाओं और महिलाओं को आने वाले चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार मान रहे हैं। पिछले 15 दिनों में यूपी सरकार ने पुलिस, PCS, होमगार्ड सहित कई विभागों में लगभग 70 हजार नौकरियों का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि इन भर्तियों के रिज़ल्ट और ज्वाइनिंग 2026 के अंत तक हो सकते हैं। बीजेपी का कहना है कि योगी सरकार में बिना किसी भाई-भतीजावाद के, सिर्फ योग्यता के आधार पर भर्ती हो रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि आगे भी बड़ी संख्या में नौकरियां निकलेंगी, जिससे युवाओं को “योगी हैं तो यकीन है” वाली लाइन और मजबूत संदेश मिल रहा है। वहीं समाजवादी पार्टी इस माहौल का जवाब महिलाओं के मुद्दों को आगे रखकर दे रही है। अखिलेश यादव लगातार ‘PDA’ मॉडल की बात कर रहे हैं और A को “आधी आबादी” यानी महिलाओं से जोड़ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने महिला सांसदों की तस्वीरें शेयर कर कहा कि हर स्त्री का सम्मान सपा का संकल्प है। उनकी “स्त्री सम्मान–समृद्धि योजना” भी महिला वोटर को आकर्षित करने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति युवाओं और महिलाओं पर केंद्रित दिखेगी।




