उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनावों के पहले सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने नया दांव खेला है। अखिलेश यादव ने पूर्वाचंल में पार्टी का दबदबा बढाने के लिए अपना एक ठिकाना आजमगढ़ Azamgarh में बना लिया है। अखिलेश यादव ने इस बंगले का नाम पार्टी के जीत के फार्मूले पर ही पीडीए भवन रखा है. वैसे तो अखिलेश यादव पहले ही इस बात को कहते रहे थे कि वो आजमगढ़ में पार्टी ऑफिस के साथ साथ अपना एक घर भी तैयार करेंगे।
आजमगढ़ में बनकर तैयार है अखिलेश का घर
अभी उत्तरप्रदेश की विधानसभा चुनावों को दो साल बाकी है। इससे पहले लोकसभा चुनावों के शानदार प्रदर्शन से फुलकर कुप्पा हुई समाजवादी पार्टी
Samajwadi Party ने अभी से विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसी तैयारी के तहत अखिलेश यादव Akhilesh Yadav अपना एक बंगला आजमगढ़ में बना लिया है। यह बंगला आजमगढ़ लखनऊ Azamgarh Lucknow रोड़ पर अनवर गंज में है। बंगले से ही लगा पार्टी कार्यालय बनकर तैयार हो रहा है। बंगले में ग्राउंड फ्लोर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए ऑफिस बना है। इस ऑफिस अखिलेश सहित उनके सचिव और स्कियुरिटि गार्ड रहेंगे। अखिलेश का बंगला और पार्टी का आफिस दोनों ही सासंद धर्मेन्द्र यादव की देख रेख में बन रहा है। आजमगढ़ ही क्यों चुना अखिलेश ने दऱअसल आजमगढ़ से पूर्वाचल की 164 सीटों पर नजर रखी जा सकती है। पूर्वाचल में आजमगढ़ वो जगह है जहां पर समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है। आजमगढ़ सीट पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलामय सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव तक चुनाव जीत चुके है। आजमगढ़ सीट की खासियत ये है कि- तमाम परेशानियों के बाद भी समाजवादी पार्टी इस जिले की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर पाती है। यही कारण है कि अखिलेश आजमगढ़ पर अपना गढ़ बनाकर पूरे पूर्वांचल पर नजर रखना चाहते हैं।
क्या होगा राजनैतिक फायदा
आजमगढ़ में पार्टी के बड़े ऑफिस और पार्टी सुप्रीमों के बंगले का बड़ा राजनैतिक फायदा होगा। आजमगढ़ में कुल दस सीटें है और समाजवादी पार्टी ने 2012 के विधानसभा चुनावों में दस में से दस सीटें हासिल की। 2017 में दस में से 9 सीटों पर जीत दर्ज कराई और 2022 में फिर दस में से दस सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली। इसी तरह लोकसभा सीट की बात करें तो इस सीट से मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव सासंद रह चुके है। इस सीट पर 2024 के चुनावों में समाजवादी पार्टी के धर्मेन्द्र यादव सासंद है। दरअसल पूर्वाचल में जब जब समाजवादी पार्टी की सीटें कम होती है पार्टी के हाथ से सत्ता भी चली जाती है। पूर्वाचल के 28 जिलों में विधानसभा की करीब 164 सीटें आती है। साल 2017 में 14 सीटें जीती 2022 केवल 53 सीटों पर जीत मिली । कम सीटों के चलते सपा के सत्ता से बाहर होना पड़ा। इसीलिए एक बंगला और पार्टी आफिस चुनावों में चुनावी कोआर्डडिनेशन के लिए आजमगढ़ में बनाया है। अखिलेश यादव ने इस घर का नाम पीडीए भवन रखा है। अखिलेश यादव का मानना है कि पीडीए से ही उनको विधानसभा चुनावों में जीत मिल सकती है। अखिलेश अब पीडीए भवन से ही पूर्वाचल की जीत की रणनीति तय करेंगे।