दिल्ली से सटा है यूपी का ये जिला…अब विकास की भरेगा नई उड़ान…खुलेगी निवेश के साथ रोजगार की राह

Uttar Pradesh Government Invest in Hapur Summit 2025

दिल्ली से सटा है यूपी का ये जिला…अब विकास की भरेगा नई उड़ान…खुलेगी निवेश के साथ रोजगार की राह

हापुड़, उत्तर प्रदेश: शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के ‘इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट-2025’ के तहत एक अहम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को ‘न्यू ग्रोथ इंजन’ नाम दिया गया था। जिसका उद्देश्य जिले को औद्योगिक, व्यापारिक और रोजगार के अवसरों से जोड़कर इसे आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस समिट में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे।

योगी सरकार की ‘इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट-2025’
‘न्यू ग्रोथ इंजन’ कार्यक्रम की धूम

इस समिट में दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर से प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया, जिससे हापुड़ जिले में निवेश के नए अवसरों की संभावना जताई जा रही है। मंत्री सुरेश खन्ना ने दीप प्रज्जवलित कर समिट का शुभारंभ किया और इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह समिट प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “हापुड़ जिले को दिल्ली से सटे होने के कारण विशेष स्थान प्राप्त है। यहाँ औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ाने से न केवल जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी मिलेंगे।”

निवेश और रोजगार के नए अवसर

सुरेश खन्ना ने आगे कहा कि इस समिट के जरिए हापुड़ जिले में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इससे न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की नीतियाँ अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं और ऐसे आयोजनों से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। इससे उद्यमियों को नई ऊर्जा मिल रही है और यह प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। समिट में यूपी के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी अपनी बात रखी और कहा कि हापुड़ जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय विकास को गति देगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हापुड़ में विभिन्न प्रकार के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए तैयारियां चल रही हैं, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे।

करोड़ों रुपये की योजनाएँ और प्रोजेक्ट

हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा जिले में करोड़ों रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। इन योजनाओं के तहत जिले में विकास के नए आयाम खुलेंगे। इनमें से कुछ प्रमुख योजनाओं में बाबूगढ़ में हरिपुर आवासीय योजना और गढ़मुक्तेश्वर में गंगा धाम योजना शामिल हैं। इसके अलावा, आनंद विहार में 40 करोड़ रुपये की लागत से एक ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा, जो जिले में सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। इन योजनाओं के माध्यम से जिले की बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया जाएगा और स्थानीय जनता को बेहतर सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण: विकास की नई दिशा

एक और महत्वपूर्ण घोषणा हापुड़ जिले में औद्योगिक गलियारा विकसित करने की रही। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण से जिले में औद्योगिक विकास को तेज़ी मिलेगी। जिला प्रशासन इस प्रोजेक्ट के लिए पूरी तैयारी कर चुका है और गढ़ क्षेत्र में 304 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDC) ने अब तक 100 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण कर लिया है, जबकि बाकी की ज़मीन का अधिग्रहण भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर हापुड़ और आसपास के इलाकों के विकास को रफ्तार देगा, जिससे लाखों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इससे न केवल हापुड़, बल्कि आसपास के जिलों में भी विकास की नई लहर आएगी।

निवेशकों के लिए संभावनाएँ

समिट के दौरान उद्योगपतियों और निवेशकों ने जिले में संभावनाओं पर चर्चा की। निवेशकों का मानना है कि हापुड़ जिले की भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क संपर्क और दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी के कारण यह क्षेत्र निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है। व्यापारिक दृष्टि से यह क्षेत्र बहुत सारी संभावनाओं से भरा हुआ है, जो निवेशकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इस समिट से यह भी स्पष्ट हुआ कि प्रदेश सरकार ने हापुड़ जिले में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए कई पहल की हैं, जैसे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, टैक्स में छूट, और आसान लाइसेंसिंग प्रक्रियाएँ। इन कदमों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और उन्हें यहां नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

आगे का रास्ता: तेज़ी से विकास की ओर

योगी सरकार की ‘इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट-2025’ का आयोजन जिले के आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस समिट के माध्यम से हापुड़ जिले को न केवल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, बल्कि यहां रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। समिट में विभिन्न योजनाओं के विस्तार और भविष्य के विकास कार्यों की घोषणा से यह साफ है कि हापुड़ जल्द ही एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में सामने आएगा। यह आयोजन स्थानीय जनता के लिए भी एक आशा की किरण साबित हुआ है, क्योंकि इससे जिले में आर्थिक और सामाजिक विकास की नई दिशा मिलेगी। अब देखना यह है कि योगी सरकार और जिला प्रशासन इन योजनाओं को कितनी तेजी से जमीन पर उतारते हैं और इन प्रयासों से हापुड़ के विकास में कितनी तेजी आती है।

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